राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नौ स्थानीय भाषाओं में अदालती फैसलों को उपलब्ध कराने संबंधी उच्चतम न्यायालय के प्रयास की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि ‘‘यह मुद्दा उनके दिल के बेहद करीब है।’’ उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के 100 महत्वपूर्ण फैसलों की अनुदित प्रतियां उपलब्ध कराये जाने की जानकारी से उन्हें खुशी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘ये फैसले कई क्षेत्रीय और भारतीय भाषाओं में अब उपलब्ध होंगे और अंग्रेजी भाषा को नहीं जानने वाले हमारे लाखों लोगों की पहुंच में होंगे।’’
कोविंद ने शीर्ष अदालत कॉलेजियम और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिये बधाई दी कि उच्चतम न्यायालय अपनी पूरी क्षमता से 31 ‘‘निपुण न्यायाधीशों’’ के साथ काम करे। राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय की अतिरिक्त इमारत का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस इमारत में रिकॉर्ड कक्ष, सम्मेलन कक्ष और वकीलों के चैंबर हैं। इसमें कार पार्किंग की भी सुविधा है। कोविंद ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल इमारत से आधारभूत सुविधाओं में वृद्धि होगी और न्यायाधीशों, वकीलों और वादकारियों को अधिक सुविधाएं प्रदान करके न्याय वितरण प्रणाली में मदद मिलेगी।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिये आगे बढ़कर नेतृत्व किया है। कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने अधीनस्थ अदालतों में न्यायाधीशों की भर्तियों के लिये अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन की वकालत की और कहा कि समय आ गया है कि पिछड़े वर्ग को न्यायपालिका में उनका हक दिया जाए।


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