बीजेपी का पूरा फोकस चुनावी हो गया है। लिहाजा बस्तर में अब बीजेपी फिर से खोयी जमीन तलाशने की कोशिश में जुट गई है। अब ये अमित शाह के मिशन 65+ की चुनौती है या फिर अनिल जैन से मिली नसीहत का असरलेकिन अब आज से अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविचार नेताम खुद ही बस्तर की कमान संभाल ली है, 2 सितम्बर से 4 सितंबर तक बस्तर दौरे के दौरान रामविचार नेताम कांकेर और जगदलपुर के दौरे पर है। इस दौरान वो तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे और कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे। रामविचार नेताम कल जगदï्लपुर से दंतेवाड़ा के लिए रवाना हो जायेंगे।
दंतेवाड़ा में भी वो अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वहीं कोंडगांव में अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। रामविचार नेताम अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार वो बस्तर के दौरे पर जा रहे हैं। बस्तर में ही अभी मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद हैं।
ऐसे में रामविचार नेताम के साथ केदार कश्यप भी अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।रामविचार नेताम के बस्तर दौरे के बाद चर्चा है कि सौदान ङ्क्षसह भी बस्तर जाएंगे और वहां अलग-अलग जिलों में कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। हालांकि सौदान सिंह का अभी कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।


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