RBI Selling Gold : इंटरनेशनल मीडिया संस्थान ब्लूमबर्ग ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सोने के भंडार को लेकर छापी अपनी एक खबर वापस ले ली है। संस्थान ने माना है कि उसकी रिपोर्ट गलत आंकड़ों और त्रुटिपूर्ण विश्लेषण पर आधारित थी, जिसके लिए उसने माफी भी मांगी है।
India Gold Selling : क्या बोला ब्लूमबर्ग न्यूज़

ब्लूमबर्ग न्यूज ने अपनी सफाई में कहा कि उसके अर्थशास्त्रियों ने केंद्रीय बैंक के गोल्ड रिजर्व का हिसाब लगाने में सोने की गलत कीमतों का इस्तेमाल कर लिया था। सही तरीके से गणना करने पर साफ हुआ है कि मई 2026 में RBI के सोने के भंडार में कोई फेरबदल नहीं हुआ था। इसके बाद ब्लूमबर्ग ने 2 जून को वेबसाइट पर पब्लिश की गई अपनी खबर को हटा लिया।
क्या थी घटना
दरअसल, मंगलवार को ब्लूमबर्ग ने जेनेट रोड्रिग्स की एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें दावा किया गया था कि आरबीआई ने करीब 12 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) का सोना बाजार में बेच दिया है। रिपोर्ट में यह अनुमान भी लगाया गया था कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव और विदेशी मुद्रा भंडार को संभालने के लिए केंद्रीय बैंक ने अपने सोने का कुछ हिस्सा बेचा हो सकता है।
इस खबर के आते ही आरबीआई ने तुरंत इस दावे का खंडन कर दिया। PIB ने इस पर पोस्ट किया था। जिसमें ब्लूमबर्ग के दावे को गलत बताया गया. केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि सोने के भंडार की सारी जानकारी हर महीने आने वाले ‘मंथली बुलेटिन’ में साफ-साफ दी जाती है। आरबीआई के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश के पास 880.52 टन सोना सुरक्षित है और मई महीने के दौरान इसमें रत्ती भर भी कमी नहीं आई है।

RBI Monthly Bulletin : ब्लूमबर्ग ने मानी गलती
अब ब्लूमबर्ग ने अपनी भूल स्वीकार करते हुए बताया है कि विश्लेषण के दौरान उनके एक्सपर्ट्स ने घरेलू बाजार में उसी दिन के सोने के भाव को आधार बना लिया था, जिससे पूरा गणित गड़बड़ा गया।
जब सही नियम के तहत लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) के पिछले दिन के भाव से दोबारा कैल्क्युलेशन की गई, तो यह बिल्कुल साफ हो गया कि मई में आरबीआई की सोने की होल्डिंग पूरी तरह स्थिर थी। अपनी इस बड़ी चूक को मानते हुए ब्लूमबर्ग ने अब पूरी रिपोर्ट वापस लेकर खेद जताया है।


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