Sachin Ahir joins Shinde Sena : उद्धव गुट में फिर बड़ी टूट! MLC सचिन अहीर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल, उपसभापति पद के लिए भरा पर्चा

Summary :

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को तगड़ा झटका देते हुए विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर ने पार्टी छोड़ दी है। वह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। हाल में हुई बड़ी टूट शिंदे गुट में आते ही अहीर ने विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। बता दें इससे पहले उद्धव गुट के 6 लोकसभा सांसद संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख और नागेश आष्टीकर भी औपचारिक रूप से शिंदे…

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को तगड़ा झटका देते हुए विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर ने पार्टी छोड़ दी है। वह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं।

हाल में हुई बड़ी टूट

Shiv Sena political crisis
Shiv Sena political crisis (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

शिंदे गुट में आते ही अहीर ने विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। बता दें इससे पहले उद्धव गुट के 6 लोकसभा सांसद संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख और नागेश आष्टीकर भी औपचारिक रूप से शिंदे के साथ जा चुके हैं। दो-तिहाई की इस बड़ी टूट के कारण इन सांसदों पर Anti-Defection Law के तहत अयोग्यता का खतरा भी नहीं रहेगा। 2022 की पार्टी टूट के बाद इसे उद्धव ठाकरे के लिए दूसरा बड़ा टूट माना गया।

आदित्य ठाकरे के थे सबसे करीबी

Aaditya Thackeray aide
Aaditya Thackeray aide (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

सचिन अहीर को लंबे समय से Aaditya Thackeray का बेहद करीबी और भरोसेमंद चेहरा माना जाता रहा है। साल 2022 में जब एकनाथ शिंदे ने बगावत की थी, तब भी सचिन अहीर मातोश्री के साथ मजबूती से खड़े रहे थे। मुंबई की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले अहीर का अचानक पाला बदलना उद्धव गुट के लिए एक बड़े झटके से कम नहीं। शिंदे गुट ने उन्हें तुरंत इनाम देते हुए विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए आगे बढ़ा दिया है।

मजबूत पिलर की तरह थे सचिन अहीर

MLC Sachin Ahir
MLC Sachin Ahir (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

सचिन अहीर का राजनीतिक इतिहास मुंबई की हाई-प्रोफाइल वर्ली विधानसभा सीट से गहरा जुड़ा हुआ है। जुलाई 2019 में तब एनसीपी मुंबई के अध्यक्ष और कद्दावर नेता रहे सचिन अहीर ने पाला बदलकर शिवसेना का दामन थामा था। वर्ली और आसपास के इलाकों में अहीर के मजबूत कैडर और प्रभाव के कारण ही आदित्य ठाकरे रिकॉर्ड वोटों से चुनाव जीत सके थे। इस वफादारी के बदले उद्धव ठाकरे ने उन्हें बाद में एमएलसी बनाकर विधानसभा भेजा था।

छह सांसदों के जाने के तुरंत बाद सचिन अहीर का इस्तीफा यह साफ करता है कि उद्धव गुट के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इससे जाहिर है आगामी बीएमसी और विधानसभा चुनावों में उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।