हरिद्वार में संतों ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का किया समर्थन, बोले- लोकतंत्र और विकास दोनों होंगे मजबूत

Summary :

हरिद्वार, 23 अगस्त (आईएएनएस)। हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर आयोजित संत सम्मेलन में देश भर से आए संत-महात्माओं ने इस पहल का सर्वसम्मति से समर्थन किया। कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों, सम्प्रदायों और परम्पराओं के संत शामिल हुए और इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताया। महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “यह चर्चा हरिद्वार की पवित्र धरती से और धर्मगुरुओं की मौजूदगी में हो रही है। इससे देश में एक मजबूत संदेश जाता है। जिस तरह देशहित में कई कानून लाए और लागू किए गए हैं, उसी तरह ‘एक राष्ट्र, एक…

हरिद्वार, 23 अगस्त (आईएएनएस)। हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर आयोजित संत सम्मेलन में देश भर से आए संत-महात्माओं ने इस पहल का सर्वसम्मति से समर्थन किया। कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों, सम्प्रदायों और परम्पराओं के संत शामिल हुए और इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताया।

महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “यह चर्चा हरिद्वार की पवित्र धरती से और धर्मगुरुओं की मौजूदगी में हो रही है। इससे देश में एक मजबूत संदेश जाता है। जिस तरह देशहित में कई कानून लाए और लागू किए गए हैं, उसी तरह ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर चल रही चर्चा भी कानून का रूप लेगी। इससे लोकतंत्र मजबूत होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, कृषि जैसे समाज से जुड़े क्षेत्र और अधिक सशक्त होंगे।”

महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने कहा, “‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ इस देश के लिए बहुत जरूरी है। बार-बार होने वाले त्रिस्तरीय चुनाव, लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा चुनावों से भारी फिजूलखर्ची होती है। यह टैक्स देने वालों का पैसा है और इसे बर्बाद करने के बजाय देश के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में इस्तेमाल होना चाहिए।”

महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद ने कहा कि आज देश भर से सभी मान्यताओं और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले संत यहां इकट्ठा हुए हैं, और उन्होंने एक स्वर में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का समर्थन किया है। संतों ने इसके साथ ही कई अन्य सुझाव भी दिए हैं, जिनमें पूरे देश में एक समान शिक्षा प्रणाली और एक ही बोर्ड होना शामिल है, ताकि गरीब और अमीर परिवारों के बच्चे एक ही व्यवस्था में पढ़ सकें। साथ ही एक समान स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की भी जरूरत पर जोर दिया गया।

वहीं, विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने संसद के मानसून सत्र में सार्थक चर्चा नहीं होने के मुद्दे पर कांग्रेस और नेहरू परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “135 करोड़ रुपए पानी की तरह बहा दिए गए और इसके लिए नेहरू परिवार जिम्मेदार है।”

राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह की हरकतें वे कर रहे हैं और देश में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें वास्तव में सर्कस में होना चाहिए।

संत समाज ने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द संसद में पारित किया जाए, ताकि बार-बार चुनाव से होने वाले खर्च और समय की बर्बादी को रोका जा सके और देश विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ सके।

–आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.