नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग हादसे को लेकर आम आदमी पार्टी ने सोमवार को भाजपा सरकार और नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आम आदमी पार्टी के विधायकों और पार्षदों ने भाजपा विधायक अनिल शर्मा के घर के बाहर प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने सत्य निकेतन इलाके में संचालित हो रहे पीजी की सूची सार्वजनिक करने और जर्जर इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में पीजी संचालित किए जा रहे हैं और सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए कि इलाके में कौन-सा पीजी किसके स्वामित्व में है। उन्होंने कहा कि सूची सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि पीजी कारोबार के पीछे कौन लोग हैं और छात्रों से कथित तौर पर महंगे किराये के नाम पर वसूली कौन कर रहा है।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सत्य निकेतन इलाके में भाजपा के बड़े नेताओं का पैसा और संपत्तियां लगी होने की चर्चा है। उनका कहना था कि यदि प्रभावशाली लोग ही पीजी कारोबार से जुड़े होंगे तो एमसीडी का कोई इंजीनियर या पुलिसकर्मी उनके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत कैसे करेगा।
उन्होंने सरकार से इलाके की संपत्तियों और पीजी संचालकों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए केंद्र सरकार को पर्याप्त हॉस्टल बनाने चाहिए। जब तक हॉस्टल तैयार होकर छात्रों को आवंटित नहीं होते, तब तक सरकार को उनके पीजी का किराया वहन करना चाहिए।
भारद्वाज ने दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि हादसे के बाद भी वह दिल्ली से बाहर थे।
वहीं, बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि केवल अधिकारियों को निलंबित करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से पिछले छह महीनों में कराए गए भवन ऑडिट का हिसाब मांगा। उन्होंने पूछा कि कितनी इमारतों का निरीक्षण किया गया, कितनी सील की गईं और कितनी जर्जर इमारतों को गिराया गया।
संजीव झा ने आरोप लगाया कि जर्जर इमारत के बेसमेंट में खुदाई की अनुमति और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों की जवाबदेही तय की जाए।
तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह ने हादसे को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि देशभर से युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली आते हैं, लेकिन उन्हें असुरक्षित इमारतों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हादसे में सात शव निकाले जा चुके हैं और अभी भी राहत एवं बचाव कार्य चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने एमसीडी के बिल्डिंग विभाग के जेई, एई और एक्सईएन की तत्काल जवाबदेही तय करने की मांग की। कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी और बंद पड़ी बिल्डिंग को दोबारा इस्तेमाल में लाने तथा उसमें खुदाई का काम किसकी अनुमति से हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि सत्य निकेतन में चल रहे सभी पीजी की सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि इनमें से कितने पीजी नियमों के अनुसार संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अवैध पीजी और खतरनाक इमारतों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
–आईएएनएस
पीकेटी/डीकेपी
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