उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तारी से मिले अंतरिम संरक्षण की अवधि बृहस्पतिवार तक के लिए बढ़ा दी है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दर्ज किया था।न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने बुधवार को सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनी। पीठ बृहस्पतिवार को भी दलीलें सुनेगी।
मेहता ने कहा कि चिदंबरम खुद को पीड़ित के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और मामले में ईडी को उनकी गिरफ्तारी से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। मेहता ने पीठ से कहा, ‘‘उन्हें राजनीतिक विरोधी होने को लेकर प्रताड़ित नहीं किया जा रहा है, जैसा कि उनका (चिदंबरम का) आरोप है।
हमारे पास यह प्रदर्शित करने के लिए साक्ष्य हैं कि यह धन शोधन का एक गंभीर मामला है। मामले में हमने अकाट्य सामग्री जुटाई है।’’ शीर्ष अदालत अग्रिम जमानत रद्द करने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ चिदंबरम की अपील पर सुनवाई कर रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिदंबरम ने याचिका के जरिए दिल्ली उच्च न्यायालय के 20 अगस्त के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत अदालत ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार और धन शोधन मामलों में उनकी अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी थी। ये मामले सीबीआई और ईडी ने दर्ज किये थे। मेहता ने चिदंबरम को अग्रिम जमानत दिये जाने का विरोध करते हुए कहा, ‘‘खुद को पीड़ित के तौर पर पेश कर भय का एक माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।’’


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