भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पार्टी की रथ यात्रा पर अस्थायी रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश को मंगलवार को झटका मानने से इनकार किया। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत किया।
भगवा दल ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद भावी कार्रवाई के बारे में निर्णय किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की प्रस्तावित रथ यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी। अदालत ने पार्टी को राज्य सरकार को संशोधित प्रस्ताव देकर नए सिरे से मंजूरी लेने को कहा।
बनर्जी ने राज्य सचिवालय में कहा, ‘‘ मैं अदालत के आदेश का स्वागत करती हूं। मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।’’
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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने उच्चतम न्यायालय के आदेश को झटका मानने से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी तृणमूल कांग्रेस नीत राज्य सरकार के ‘कुशासन’ का भंडाफोड़ करने के लिए अन्य कार्यक्रम चलाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ राजनीति में कभी आपको सफलता मिलती है तो कभी पराजय का सामना करना पड़ता है, लेकिन झटका जैसा कुछ नहीं होता है। हमारे पास जनता तक पहुंचने के लिए अन्य योजनाएं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यह निश्चित है कि (यात्रा की) नई योजना सौंपने के बावजूद राज्य सरकार हमें इजाजत नहीं देगी।’’
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने दावा किया कि भाजपा का रथ यात्रा निकालने का मकसद शांति को बाधित करना और सांप्रदायिक उन्माद को भड़काना था।


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