केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों का करारा जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार ने अपने समय में भ्रष्टाचार का राष्ट्रीयकरण और ‘एक परिवार’ के लाभ के लिए करदाताओं के धन का निजीकरण किया था।
इससे पहले राहुल गांधी ने दिन में ट्वीट कर आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार मुनाफे का निजीकरण और घाटे का राष्ट्रीयकरण कर रही है। उन्होंने सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ‘‘मोदी के क्रोनीज’’ (कथित रूप से मोदी सरकार के चहेते उद्योगतियों) को बेचकर सरकार भारत की वित्तीय सुरक्षा के साथ समझौता कर रही है।
सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन आरोपों के संबंध में किए गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि शायद गांधी ने अपनी यह टिप्पणी किसी ‘‘कट्टर कम्युनिस्ट’’ से ‘‘ ली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहती हूं कि वह इस तरह के दो वाक्यों को हर बार उछालने के बजाय गंभीर चर्चाओं में शामिल हों।’’ वित्त मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि संप्रग सरकार ने भ्रष्टाचार का राष्ट्रीयकरण किया था।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘उनकी दादी (इंदिरा गांधी) ने भले ही बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया होगा, लेकिन बैंकों के नुकसान का राष्ट्रीयकरण यूपीए के समय में हुआ… मैं एक बात और जोड़ना चाहूंगी- भ्रष्टाचार का राष्ट्रीयकरण इन्होंने किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार का राष्ट्रीयकरण और एक परिवार की भलाई के लिए करदाताओं के पैसे का निजीकरण, यह सब राहुल गांधी को उस ट्वीट के जवाब के रूप में लेना होगा।’’ वरिष्ठ भाजपा नेता ने गांधी को सलाह दी कि उन्हें बोलने से पहले और गहन चिंतन करना चाहिए।


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