केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी को सवाल के घेरे में खड़ा करते हुए कहा कि जिन लोगों को गेहूं और धान के अलावा किसी अन्य जिंस के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं दिये, वे अब ‘‘अनुचित’’ आशंकाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने नए कृषि कानूनों का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि ये कानून केंद्र सरकार के दायरे में आते हैं और इसमें राज्यों के बीच कृषि व्यापार को शामिल किया गया है।
सरकार द्वारा एमएसपी को खत्म करने की आशंकाओं पर उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस पर अटकलबाजी करना और कहना कि यह किसानों की चिंता है, बिल्कुल अनुचित है।उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘एमएसपी जारी थी, जारी है और यह जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि कुछ अन्य सरकारों ने सिर्फ धान और गेहं पर एमएसपी देने पर ध्यान केंद्रित किया तथा दूसरी फसलों के बारे में चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा की सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गेहूं और धान के अलावा दूसरी फसलों के एमएसपी बढ़ाया।


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