पुणे, 26 जून (आईएएनएस)। सिया गोयल के पक्ष में अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव अदालत में पैरवी करेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक पुलिस की ओर से इस मामले के संदर्भ में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। किसी के मौखिक रूप से कुछ भी कह देने से उसे अंतिम मान लेना उचित नहीं रहेगा। मौजूदा समय में हम पूरे केस को समझने की कोशिश कर रहे हैं। मैं यही कहना हूं कि जब तक पुलिस की ओर से आरोपपत्र दाखिल नहीं होता, तब तक किसी नतीजे पर पहुंचना मुनासिब नहीं होगा।
उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अभी इस पूरे मामले को लेकर जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो हम सिया से भी जानकारी जुटाएंगे। अभी सिया का परिवार भी तनाव से गुजर रहा है। सिया के पिता भी अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसी स्थिति में हम उससे संपर्क साधने से बच रहे हैं। सिया ने हमें वकालतनामा दिया है, जिसे मैं अगली तारीख में अदालत में पेश करुंगा।
उन्होंने कहा कि अगर हमें जरूरत पड़ी, तो हम सिया के परिवार से जरूर संपर्क करेंगे और पूरे मामले के बारे में जानकारी जुटाएंगे लेकिन अभी हमें ऐसी कोई जरूरत नहीं है। जैसे ही हमें कोई ऐसी जरूरत होगी, तो हम सिया के परिवार से संपर्क कर लेंगे। अभी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हम यही चाहते हैं कि सिया पुलिस को जांच में पूरा सहयोग दे और वो दे भी रही है। हम नहीं चाहते हैं कि जांच में किसी भी प्रकार की बाधा आए। हमें पुलिस समय देगी कि हम सिया से संपर्क करके उसका पक्ष समझ सके, ताकि हम उसके पक्ष को अदालत में पेश कर सके।
अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव के मुताबिक, अब पुलिस इस पूरे मामले को लेकर आने वाले दिनों में क्या तथ्य पेश करती है, उसी को देखते हुए जांच की पूरी दिशा तय होगी। हमारी कोशिश यही रहेगी कि हर तरीके से सच्चाई सामने आए। सभी को इंसाफ मिले। किसी के साथ कोई दिक्कत नहीं हो। हम कोर्ट को भी हर तरह से सहयोग करेंगे। हम कोर्ट के सामने पूरी सच्चाई सामने लेकर आएंगे।
उन्होंने कहा कि सिर्फ बोल देने से यह ओपन एंड शट केस नहीं हो जाता है। अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान हमें यह देखना होगा कि कितने गवाह हैं और उसके खिलाफ क्या सबूत हैं, जिससे यह साबित हो सके कि वो दोषी है। पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है, जब तक जांच संपन्न नहीं हो जाता है, तब तक इस मामले के निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है।
साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह बयान जारी करके नहीं कहा है कि यह एक सुनियोजित हत्या है। जब तक चार्जशीट दाखिल नहीं होती है, तब तक कुछ भी कह पाना मुश्किल है। अब अगर किसी ने मौखिक रूप से कुछ कहा है, तो इस पर मैं कुछ कह नहीं सकता हूं। यह उनका अपना मानना और समझना हो सकता है। हर व्यक्ति की अपनी सोच किसी भी केस को लेकर हो सकती है। हम तो सबूतों पर विश्वास करके ही किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं।
–आईएएनएस
एसएचके/पीएम
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