NCERT की कक्षा 9वीं की सोशल साइंस की किताब में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को शामिल किया गया है। वहीं, पुरानी किताब से संविधान की प्रस्तावना, धर्मनिरपेक्ष और धर्मनिरपेक्षता संदर्भों को हटा दिया गया है, जिससे एक राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।
दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2023 के तहत जारी की गई नई किताब में भारतीय संविधान की चर्चा, निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मौलिक अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया है, लेकिन संविधान की प्रस्तावना (Preamble) को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा, प्रस्तावना में इस्तेमाल किए गए मुख्य शब्दों की व्याख्या भी इस नई किताब से हटा दी गई है।
NCERT Class 9th की पुरानी किताब में क्या था?
NCERT की कक्षा 9वीं की पुरानी किताब ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स-1’ में ‘संवैधानिक व्यवस्था’ नाम से एक चैप्टर था। इस चैप्टर में संविधान की प्रस्तावना को संवैधानिक मूल्यों का आधार बताया गया था। इस चैप्टर में छात्रों को समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणराज्य जैसे शब्दों का अर्थ पढ़ाया जाता था। किताब में लिखी गई प्रस्तावना को “लोकतंत्र पर लिखी गई कविता” बताया गया था। साथ ही धर्मनिरपेक्षता की व्याख्या ऐसे शासन तंत्र के रूप में की गई थी, जिसका कोई धर्म नहीं होता, सभी धर्मों को समान सम्मान दिया जाता है।
नई किताब में क्या बदलाव हुए?
NCERT की नई किताब में संविधान की चर्चा के लिए संविधान सभा, संविधान निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मौलिक अधिकारों का जिक्र किया गया है। इसमें संविधान को लचीला और समयानुसार विकसित होने वाला दस्तावेज बताया गया है। इसके अंतर्गत स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व जैसे बुनियादी मूल्यों पर विशेष ज़ोर दिया गया है; साथ ही नागरिकों के मौलिक अधिकारों, जैसे समानता, स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता की भी चर्चा की गई है।

हालांकि NCERT की नई किताब में संविधान की प्रस्तावना नहीं दी गई है। इसके अलावा प्रस्तावना में शामिल प्रमुख शब्दों की भी व्याख्या नहीं की गई है। इसमें धर्मनिरपेक्ष और धर्मनिरपेक्षता शब्दों का कहीं भी जिक्र नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार कक्षा 9 के नए पाठ्यक्रम में आपातकाल के चैप्टर को शामिल किया गया है।
NCERT Chapter Controversy: किताब में हुए बदलाव को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में विवाद
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh | On NCERT introducing a section on Emergency in Class IX textbook, Congress MP KC Venugopal says, “They(BJP) are interested only in this type of divisive politics. They are trying to divert the history of India and are trying to change the… pic.twitter.com/VD1ZTdnWR0
— ANI (@ANI) June 25, 2026
NCERT की किताबों में हुए इन बदलावों को लेकर अब बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को ‘इमरजेंसी’ के इतिहास के बारे में ज़रूर जानना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस बदलाव का कड़ा विरोध करते हुए इसे बीजेपी की विभाजनकारी राजनीति बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि किताबों से प्रस्तावना और धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों को हटाना सीधे तौर पर हमारे संविधान के बुनियादी मूल्यों पर हमला है।


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