लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कानून व्यवस्था को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आज कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से सपा परेशान है। भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा, ‘अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई से समाजवादी पार्टी परेशान है। अखिलेश यादव की सपा सरकार ध्वस्त कानून व्यवस्था के लिए विख्यात रही। सपा शासनकाल में पूरा प्रदेश अराजकता की गिरफ्त में था।’ उन्होंने कहा कि मथुरा का जवाहरबाग काण्ड तथा मुजफ्फरनगर दंगा सहित अनेक घटनाएं सपा शासनकाल की देन रही हैं। उल्लेखनीय है कि अखिलेश ने दावा किया है कि पुलिस विभाग बडे अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है बल्कि छोटे मोटे अपराधियों को मुठभेड़ में मार रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रमोशन के लिये ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने नोएडा में मारे गये जितेंद्र यादव की कथित मुठभेड का भी हवाला दिया।
पाण्डेय ने कहा कि सपा शासनकाल के दौरान भेदभावपूर्ण नीति के चलते प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई थी। कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए योगी सरकार कृत संकल्पित है तथा अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए भाजपा नेतृत्व की सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अपराधी जिस तरह एक के बाद एक जेल की सीखचों के पीछे जा रहे हैं तथा पुलिस बल पर गोली चलाने वाले अपराधियों को भी उसी तरह का जबाव देने की जो स्वतंत्रता वर्तमान योगी सरकार ने पुलिस बल को दी है, उसको लेकर विपक्षी दलों में बैचेनी है। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि भेदभाव की नीति के आधार पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई सपा सरकार की नीति रही है जबकि वर्तमान सरकार की नीति में कानून को तोड़ने वाला तथा कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपराधी है और अपराधियों की कोई जाति, वर्ग व धर्म नहीं होता। उ.प्र. भाजपा अध्यक्ष ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को नसीहत दी कि वह प्रदेश के हित में अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएं। खोखले आरोप प्रदेश की जनता को हास्यास्पद प्रतीत होते हैं।
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