प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने हिंद महासागर में विभिन्न देशों की बढ़ती सक्रियता का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में विभिन्न अभियानों में मदद के लिए क्षेत्र से इतर देशों के बलों के 120 से अधिक जंगी जहाज तैनात किए गए हैं।
जनरल रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित वैश्विक सुरक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में ‘‘सामरिक स्थानों और अड्डों के लिए होड़’’ मची हुई है तथा आने वाले समय में इसमें और तेजी आने वाली है।
उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में अधिक से अधिक देशों की बढ़ती सक्रियता इसके रणनीतिक महत्व को दिखाता है।
जनरल रावत ने कहा, ‘‘अभी हिंद महासागर क्षेत्र में विभिन्न अभियानों में मदद के लिए क्षेत्र से इतर देशों के बलों के 120 से अधिक जंगी जहाज तैनात हैं। क्षेत्र में अब तक कुल मिलाकर शांति बनी हुई है।
हिंद महासागर भारतीय नौसेना के लिए काफी मायने रखता है क्योंकि इस क्षेत्र में भारत के रणनीतिक हित हैं और चीन लगातार अपनी मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
वैश्विक ताकत बनने के लिए भारत की आकांक्षाओं का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘मुश्किलें पैदा करने वाले पड़ोसियों’’ और क्षेत्र में बढ़ती होड़ के बावजूद भारत को इस दिशा में काम करना होगा।


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