मशहूर लेखिका और समाजसेविका सुधा मूर्ति ने गुरुवार को संसद के उच्च सदन की सदस्य के तौर पर शपथ ली। उन्हें राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदस्य के तौर पर शपथ दिलाई। इस दौरान सुधा मूर्ति के साथ इंफोसिस के फाउंडर और उनके पति नारायण मूर्ति और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे।
- पद्म भूषण से सम्मानित है सुधा मूर्ति
- विभिन्न शैलियों में 30 से अधिक किताबें लिखी
- पद्म भूषण से सम्मानित है सुधा मूर्ति
राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य है सुधा मूर्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि सुधा मूर्ति को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उच्च सदन के लिए मनोनीत किया है। पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा था, मुझे खुशी है कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। सुधा जी का सामाजिक कार्य, परोपकार और शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायक रहा है।
पद्म भूषण से सम्मानित है सुधा मूर्ति
राज्यसभा में उनकी उपस्थिति हमारी ‘नारी शक्ति’ का एक शक्तिशाली प्रमाण है, जो हमारे देश की नियति को आकार देने में महिलाओं की ताकत और क्षमता का उदाहरण है। मैं उनके सफल संसदीय कार्यकाल की कामना करता हूं। सुधा मूर्ति देश की जानी-मानी समाजसेविका होने के साथ-साथ लेखिका भी हैं। सुधा मूर्ति को साल 2023 में राष्ट्रपति ने उनके सामाजिक कार्यों के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया था। इससे पहले साल 2006 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था। सुधा मूर्ति ने विभिन्न शैलियों में 30 से अधिक किताबें लिखी हैं।


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