Tarun Tejpal : अपने सहकर्मी के साथ यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराए गए तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से दी गई 10 साल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका और गोवा सरकार द्वारा सजा बढ़ाने की मांग वाली अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब 3 नवंबर तक के लिए टाल दी गई है।
सुनवाई के दौरान गोवा सरकार ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि उसने तरुण तेजपाल की याचिका पर अपना आधिकारिक जवाब दाखिल कर दिया है।
अगस्त में कोर्ट ने दिया था सरेंडर करने का आदेश
इससे पहले, बीते 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल को तीन हफ्ते के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत तेजपाल के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया था कि आदेश का पालन करते हुए पूर्व संपादक ने 14 सितंबर को गोवा की एक अदालत में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।
गौरतलब है कि पिछले साल 6 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 2013 के एक होटल लिफ्ट यौन शोषण मामले में निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पूरी तरह पलट दिया था।
हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर 25 सितंबर को अदालत ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी, जिसके बाद आगे की कानूनी स्थिति साफ होगी।
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