तेलंगाना: आदिलाबाद सीसीआई प्लांट के पुनरुद्धार पर सरकार रुख साफ करे, केटीआर ने सीएम रेवंत रेड्डी को लिखा पत्र

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हैदराबाद, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर आदिलाबाद स्थित सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया प्लांट के पुनरुद्धार को लेकर कांग्रेस सरकार से अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल एक उद्योग का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका, आदिलाबाद के औद्योगिक भविष्य और राज्य के आर्थिक विकास से जुड़ा है। केटीआर ने पत्र में बताया कि हाल में बीआरएस प्रतिनिधिमंडल ने सीसीआई साधना समिति के प्रतिनिधियों के साथ 15 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्रीय भारी…

हैदराबाद, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर आदिलाबाद स्थित सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया प्लांट के पुनरुद्धार को लेकर कांग्रेस सरकार से अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल एक उद्योग का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका, आदिलाबाद के औद्योगिक भविष्य और राज्य के आर्थिक विकास से जुड़ा है। केटीआर ने पत्र में बताया कि हाल में बीआरएस प्रतिनिधिमंडल ने सीसीआई साधना समिति के प्रतिनिधियों के साथ 15 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने आदिलाबाद सीसीआई प्लांट को दोबारा शुरू करने की मांग वाला ज्ञापन सौंपा और प्लांट के शुरू होने से रोजगार तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को होने वाले लाभों से अवगत कराया।

उन्होंने दावा किया कि बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि तेलंगाना सरकार 250 करोड़ रुपए का राज्यांश देने को तैयार हो जाए, तो आदिलाबाद सीसीआई प्लांट का पुनरुद्धार संभव है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं भेजा गया है और न ही आवश्यक प्रोत्साहन या सहयोग देने की इच्छा जताई गई है। इसी कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

उन्होंने कांग्रेस की राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक रुख के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया है। पिछले ढाई वर्षों से हो रही देरी कांग्रेस सरकार की उदासीनता को दर्शाती है। राज्य सरकार ने न तो केंद्र के साथ समन्वय बनाकर काम किया और न ही प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए कोई स्वतंत्र योजना पेश की।

उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को विधानसभा चुनाव के दौरान आदिलाबाद में किए गए उस वादे की भी याद दिलाई, जिसमें उन्होंने सीसीआई प्लांट को फिर से शुरू कराने का आश्वासन दिया था। केटीआर ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह वादा दोहराया गया, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने केंद्र के साथ आवश्यक आधिकारिक बातचीत तक नहीं की और न ही जरूरी प्रस्ताव भेजे।

पूर्व बीआरएस सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए केटीआर ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने स्वयं प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्लांट के पुनरुद्धार की मांग की थी। उन्होंने बताया कि उद्योग मंत्री रहते हुए उन्होंने भी तत्कालीन केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते को पत्र लिखकर आदिलाबाद सीसीआई यूनिट को दोबारा शुरू करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार प्लांट का संचालन नहीं करना चाहती, तो राज्य सरकार उसे अपने स्तर पर संचालित करने के लिए भी तैयार थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस सरकार की पूरी तैयारी के बावजूद तत्कालीन केंद्र सरकार ने राजनीतिक कारणों से इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया। हालांकि, अब मौजूदा केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह तेलंगाना सरकार के जवाब का इंतजार कर रही है। ऐसे में राज्य सरकार अब इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकती।

अपने पत्र में केटीआर ने मुख्यमंत्री से छह प्रमुख सवालों के जवाब मांगे हैं। उन्होंने पूछा कि आदिलाबाद सीसीआई प्लांट के पुनरुद्धार पर राज्य सरकार का आधिकारिक रुख क्या है, अब तक केंद्र सरकार को कौन-कौन से प्रस्ताव भेजे गए हैं, क्या राज्य सरकार 250 करोड़ रुपए का अपना हिस्सा देने को तैयार है, क्या वह टीएस-आईपास के तहत प्रोत्साहन देगी, क्या वह केंद्र-राज्य संयुक्त उद्यम में भागीदारी करेगी और यदि केंद्र सरकार आगे नहीं बढ़ती तो क्या राज्य सरकार के पास प्लांट को अपने स्तर पर पुनर्जीवित करने की कोई वैकल्पिक योजना है।

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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