भारत में Android Smartphones एक्सपोर्ट में तेजी, विदेशों में बढ़ी मेड इन इंडिया की डिमांड

Summary :

Android Smartphones: भारत में बनी स्मार्टफोन की डिमांड अब तेजी से बढ़ रही है, और खासतौर पर अमेरिका में इन फोनों की एक्सपोर्ट में बड़ा इजाफा हुआ है. पिछले कुछ समय से भारत में बने iPhone और Android स्मार्टफोन के निर्यात में खासा बढ़ोतरी देखी गई है. इसके पीछे मुख्य वजह भारत सरकार की PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना और अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए टैरिफ हैं, जिनसे कंपनियां भारत की तरफ आकर्षित हो रही हैं. हाल ही में Canalys रिसर्च फर्म ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस साल 2025 के पहले पांच महीनों में मोटोरोला ने भारत…

Android Smartphones: भारत में बनी स्मार्टफोन की डिमांड अब तेजी से बढ़ रही है, और खासतौर पर अमेरिका में इन फोनों की एक्सपोर्ट में बड़ा इजाफा हुआ है. पिछले कुछ समय से भारत में बने iPhone और Android स्मार्टफोन के निर्यात में खासा बढ़ोतरी देखी गई है. इसके पीछे मुख्य वजह भारत सरकार की PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना और अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए टैरिफ हैं, जिनसे कंपनियां भारत की तरफ आकर्षित हो रही हैं. हाल ही में Canalys रिसर्च फर्म ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस साल 2025 के पहले पांच महीनों में मोटोरोला ने भारत में बने 16 लाख स्मार्टफोन एक्सपोर्ट किए हैं. इनमें से 99% फोन अमेरिका भेजे गए हैं. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने सिर्फ 10 लाख फोन एक्सपोर्ट किए थे. मोटोरोला के भारत में स्मार्टफोन बनाने का काम Dixon टेक्नोलॉजी करता है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके अलावा, दक्षिण कोरियाई कंपनी Samsung ने भी इस साल जनवरी से मई के बीच 9.45 लाख स्मार्टफोन अमेरिका में भेजे हैं. पिछले साल यह संख्या केवल 6.45 लाख थी. इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में बनी स्मार्टफोन की डिमांड वैश्विक बाजार में तेजी से बढ़ रही है.

अन्य कंपनियों का योगदान

Canalys की रिपोर्ट के अनुसार, Samsung ने इस साल जनवरी से मई के बीच कुल 11.5 मिलियन (1.15 करोड़) फोन एक्सपोर्ट किए हैं, जबकि पिछले साल कंपनी ने कुल 25 मिलियन (2.5 करोड़) फोन एक्सपोर्ट किए थे. मोटोरोला की बात करें तो कंपनी ने इस साल जनवरी से मई के बीच 1.6 मिलियन (16 लाख) फोन एक्सपोर्ट किए हैं, जबकि पिछले साल कंपनी ने 1 मिलियन (10 लाख) फोन ही एक्सपोर्ट किए थे.

Transsion Holdings, जो Infinix, Tecno और itel ब्रांड्स के फोन बनाती है, ने इस साल 2.8 लाख फोन एक्सपोर्ट किए हैं. पिछले साल कंपनी ने कुल 1.7 लाख फोन एक्सपोर्ट किए थे. वहीं, Vivo ने इस साल जनवरी से मई के बीच 2.5 लाख फोन एक्सपोर्ट किए हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 3.5 मिलियन (35 लाख) था.

क्या है बढ़ती डिमांड की वजह?

भारत में बने स्मार्टफोन की डिमांड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण मोदी सरकार की PLI योजना है, जिसमें फोन निर्माता कंपनियों को प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव मिलते हैं. इस योजना के तहत, कंपनियां भारत में फोन बनाने के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं, और इसके बदले उन्हें वित्तीय सहायता और टैक्स में राहत मिल रही है.

Dixon, Foxconn और Tata Electronics जैसी कंपनियां इस योजना का लाभ उठाते हुए स्मार्टफोन निर्माण में जुटी हैं. इसके साथ ही भारत में बने फोन न केवल अमेरिका, बल्कि अफ्रीका और UAE जैसे अन्य देशों में भी एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं.

भारत बन रहा स्मार्टफोन का ग्लोबल हब

भारत में बनी स्मार्टफोन की बढ़ती डिमांड और निर्यात यह साबित करते हैं कि देश अब स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग के मामले में एक प्रमुख ग्लोबल हब बनता जा रहा है. इसके अलावा, अमेरिका और अन्य देशों के व्यापारिक फैसलों, जैसे कि चीन पर लगाए गए टैरिफ, भारत के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो रहे हैं.

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।