SCO सम्मेलन में PM मोदी ने पाक राष्ट्रपति ममनून से मिलाया हाथ

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इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस प्रथमिकता को ध्यान में रख कर पीएम मोदी ने SECURE नाम का एक नया मंत्र दिया।

पीएम मोदी चीन में अपनी यात्रा के दूसरे दिन पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने SCO महासचिव राशिद अलीमोव से मुलाकात की। इस सम्मलेन में भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबधों के बीच पीएम मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने हाथ मिलाए और संक्षिप्त बातचीत की। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के मीडिया को संबोधित करने के बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए और संक्षिप्त बातचीत की। चीन एससीओ का मेजबान देश है। मोदी और हुसैन 18 वें एससीओ शिखर सम्मेलन की समाप्ति पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान अन्य नेताओं के साथ मौजूद थे।

भारत और पाकिस्तान ने इस सम्मेलन में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शिरकत की। मोदी अन्य SCO देशों के नेताओं के साथ कम से कम छह द्विपक्षीय बैठकें कर चुके हैं लेकिन मोदी और हुसैन के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई है। मोदी ने अपने संबोधन में अफगानिस्तान की स्थिति का जिक्र करते हुए आतंकवाद की चुनौती तथा उसके प्रभाव पर चर्चा की। वहीं हुसैन ने अपने संबोधन में इस बात का भरोसा दिलाया कि उनके देश में होने वाले आम चुनाव पाकिस्तान में आर्थिक स्थिरता को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि चीन की बेल्ट एंड रोड़ परियोजना के हिस्से के रूप में चीन – पाकिस्तान आर्थिक गलियारे ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।

वहीं भारत लगातार इस परियोजना का विरोध कर रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से हो कर गुजरती है। दरअसल 2016 में उरी में सैन्य अड्डे पर पाकिस्तानी आंतकवादी संगठन के हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव आ गया था। इसके बाद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा जासूसी के जुर्म में मौत की सजा सुनाए जाने से संबंध और बिगड़ गए। भारत ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए 2016 में इस्लामाबाद में हो रहे 19 वें सार्क सम्मेलन का बहिष्कार किया था। इसके बाद अनेक देशों के इनकार के बाद शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था। भारत का कहना है कि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।

ब्रह्मपुत्र और खेती को लेकर दो अहम समझौते 

इससे पहले दोनों देशों के बीच ब्रह्मपुत्र और खेती को लेकर दो अहम समझौते हुए हैं। करार के तहत चीन ब्रह्मपुत्र का पानी छोड़ने से पहले भारत को सूचना देगा। चीन ने भारत से बासमति के अलावा दूसरे किस्म के चावल खरीदने पर भी सहमति जताई है। इस समिट में भारत-पाकिस्तान बतौर सदस्य पहली बार शामिल हो रहे हैं। भारत ने साफ किया है कि पाक के साथ कोई आधिकारिक मुलाकात नहीं होगी। SCO के 18 वें शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के पूर्वी शांगदोंग प्रांत के इस तटीय शहर में मोदी के आगमन के कुछ ही घंटे बाद अलीमोव से उनकी मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया , ‘‘यह SCO शिखर वार्ता विशेष है क्योंकि पूर्णकालिक सदस्य के रूप में भारत की यह पहली शिखर वार्ता होगी। एससीओ महासचिव राशिद अलीमोव के साथ मेरी बातचीत बहुत उपयोगी रही।’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया , ‘‘एससीओ के महासचिव ने कहा कि 2017 में एससीओ का पूर्ण कालिक सदस्य बनने के बाद से भारत संगठन को बहुत योगदान दे रहा है।’’ मोदी के साथ मुलाकात के दौरान अलीमोव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 16 जून को बीजिंग में एससीओ मुख्यालय में मनाया जाएगा। यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहा है। भारत और पाकिस्तान पिछले वर्ष ही एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य बने हैं।

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