हाल ही में भाजपा में शामिल हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा ने कहा है कि ज्यादातर क्षेत्रीय दलों के कांग्रेस से हाथ मिलाने से इनकार करने के साथ महागठबंधन नाकाम हो गया है। साथ ही, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी का मुद्दा भाजपा की संभावनाओं पर असर डालेगा।
कृष्णा ने कहा कि क्षेत्रीय दलों को इस बात का डर है कि कांग्रेस से गठबंधन करने से वे अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे।
कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता इस महीने की शुरूआत में भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने भरोसा जताया कि भगवा पार्टी सरकार बनाने के लिए अपने बूते ही पर्याप्त सीटें हासिल कर लेगी और उसके सहयोगी दलों को मिलने वाली सीटें बोनस होंगी।
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कृष्णा ने पीटीआई भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘महागठबंधन ममता बनर्जी का आइडिया था। अब ममता बनर्जी और राहुल गांधी के बीच क्या संबंध है? तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने एक दूसरे से सहमत होने से इनकार कर दिया है।’’
पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा ने कांग्रेस को अपने साथ लेने से इनकार कर दिया। इस तरह महागठबंधन कहां है?
कर्नाटक में सत्तारूढ जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह काम नहीं कर रहा है क्योंकि दोनों दलों के बीच कोई तालमेल नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्रस्तावित न्यूनतम आय गारंटी योजना एक खोखला वादा है।


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