कोरोना महामारी का प्रकोप भारत में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कोविड के खिलाफ जंग में टीकाकरण अब तक सबसे कारगर हथियार रहा है, मगर अब इसकी रफ्तार पर भी ब्रेक लगता दिख रहा है। कोरोना महामारी के बीच कई राज्यों में टीकाकरण पर रोक लग गयी है। दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और कर्नाटक में टीके की कमी के चलते टीकाकरण केंद्रों को बंद कर दिया गया है। राजधानी दिल्ली में गुरुवार को टीके की कमी के कारण 117 से ज्यादा टीका केंद्रों पर ताला लटका रहा।
महाराष्ट्र और कर्नाटक ने अब 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण रोक दिया है, क्योंकि राज्यों का कहना है की टीकाकरण अभियान जारी रखने के लिए उनके पास वैक्सीन का प्रयाप्त स्टॉक नहीं है। महाराष्ट्र का कहना है कि कोवैक्सीन की सप्लाई ना होने की वजह से टीकाकरण रोका जा रहा है, ताकि 45 प्लस वालों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा सके।
इसके अलावा, कर्नाटक ने भी यही तर्क दिया है कि उसके पास भी 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए वैक्सीन की डोज पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं है। इसलिए कर्नाटक में भी वैक्सीनेशन को रोका जा रहा है। वहीं, राजधानी दिल्ली का कहना है कि उसके पास 18 से 44 साल वालों के लिए महज 3.9 लाख वैक्सीन की डोज बची है। जिस कारण से टीकाकरण को जारी नहीं रखा जा सकता।
राजस्थान के जयपुर में भी लोगों को टीका नहीं लगाया जा सका है। राज्य में बुधवार को 2 लाख वैक्सीन हीं बची थी, लेकिन सुबह कुछ घंटों में ही वैक्सीन खत्म हो गई। इसी तरह गुजरात में भी 45 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए टीकाकरण तीन दिनों के लिए रोका गया क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा कोविशील्ड की 2 खुराकों के बीच अंतराल को बढ़ाया गया जिस कारण से गुजरात में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण 14 मई से 3 दिनों के लिए रोक दिया गया है।
बता दें कि भारत सरकार ने एक सरकारी पैनल की सलाह पर कोविशील्ड टीके की दो खुराक लगवाने के बीच के समय को 6-8 सप्ताह से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह करने का फैसला लिया है। इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण 17 मई को फिर से शुरू होगा।


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