13 दिन चले युद्ध में 93000 पाक सैनिकों का आत्मसमर्पण, आज विजय दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी सहित कई नेताओं ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

Vijay Diwas 2025

Vijay Diwas 2025: भारत में मंगलवार को विजय दिवस मनाया जा रहा है। यह वो खास दिन है जब 1971 में भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त देकर बांग्लादेश को आजाद कराया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने युद्ध के दौरान ड्यूटी पर अपनी जान गंवाने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि दी। युद्ध आधिकारिक तौर पर 3 दिसंबर, 1971 को शुरू हुआ, और सिर्फ़ 13 दिनों में इतिहास रच दिया गया। 16 दिसंबर को, पाकिस्तानी सेना ने ढाका में भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी के सामने सरेंडर कर दिया। लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के सरेंडर को दुनिया के मिलिट्री इतिहास में सबसे बड़े सरेंडरों में से एक माना जाता है।

PM Modi ने एक्स पर ट्वीट कर बहादुर सैनिकों को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “विजय दिवस पर, हम उन बहादुर सैनिकों को याद करते हैं जिनके साहस और बलिदान ने 1971 में भारत को एक ऐतिहासिक जीत दिलाई। उनके पक्के इरादे और निस्वार्थ सेवा ने हमारे देश की रक्षा की और हमारे इतिहास में गौरव का एक पल दर्ज किया। यह दिन उनकी बहादुरी को सलाम है और उनकी बेमिसाल भावना की याद दिलाता है। उनकी वीरता भारतीयों की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”

Vijay Diwas 2025 Date and Significance: राष्ट्रपति मुर्मू ने वीर सपूतों को किया नमन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “विजय दिवस के अवसर पर मैं भारत माता के वीर सपूतों को सादर नमन करती हूं। उनके साहस, पराक्रम और मातृभूमि के लिए अनन्य निष्ठा ने राष्ट्र को सदा गौरवान्वित किया है। उनकी वीरता और राष्ट्रप्रेम देशवासियों को प्रेरित करते रहेंगे। भारतीय सेना की ‘स्वदेशीकरण से सशक्तीकरण’ की पहल भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

उन्होंने आगे लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने आत्मनिर्भरता, सामरिक दृढ़ता और आधुनिक युद्ध शैली के प्रभावी उपयोग का परिचय दिया है जो पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है। मैं सभी सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देती हूं। जय हिन्द!

Vijay Diwas Celebration India: अमित शाह भी बहादुर सैनिकों को किया याद

AMIT SHAH 1

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘एक्स’ पर लिखा, “वर्ष 1971 में आज ही के दिन सुरक्षाबलों ने अदम्य साहस और सटीक रणनीति के बल पर पाकिस्तानी सेना को परास्त कर उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया था। इस विजय ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ ढाल बन, विश्वभर में मानवता की रक्षा का आदर्श उदाहरण पेश किया और भारतीय सेनाओं की अद्वितीय सैन्य क्षमता और पराक्रम का लोहा मनवाया। विजय दिवस पर, युद्ध में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करता हूं।”

जेपी नड्डा ने लिखा ‘विजय दिवस’ पर मां भारती के वीर सपूतों को कोटिश: नमन

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, “भारतीय सशस्त्र बलों के अद्भुत शौर्य, अटूट संकल्प और अक्षुण्ण राष्ट्रभक्ति के प्रतीक ‘विजय दिवस’ पर माँ भारती के वीर सपूतों को कोटिश: नमन करता हूं। आज ही के दिन 1971 में हमारे सुरक्षाबलों ने अपने अदम्य शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए पाकिस्तान को भारत के सामने घुटने टेकने पर विवश कर दिया था। देश की एकता और अखंडता के लिए अपने सर्वोच्च बलिदान से इस ऐतिहासिक विजय को संभव बनाने वाले सभी अमर बलिदानी सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। जय हिन्द!”

Vijay Diwas 2025: 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध की पूरी कहानी

Vijay Diwas 2025

1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध बांग्लादेश मुक्ति संग्राम से जुड़ा था। पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से (पूर्वी पाकिस्तान) में शेख मुजीबुर्रहमान के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन चल रहा था। पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से लाखों शरणार्थी भारत आए। भारत ने बांग्लादेश के स्वतंत्रता सेनानियों का समर्थन किया। 3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया, जिससे युद्ध शुरू हुआ। भारतीय सेना ने पूर्वी मोर्चे पर तेज़ जीत हासिल की। 16 दिसंबर 1971 को ढाका में पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण किया और बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र बना।

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