लखनऊ, 16 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले बजट का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए और लंबित परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
कैसरबाग स्थित निर्यात भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट व्यय, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और लंबित परियोजनाओं की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी योजना में लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागीय अधिकारी निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करें।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि 31 मार्च से पहले शेष बजट के उपयोग की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए। समीक्षा के दौरान विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी और मोची जैसे पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण और टूलकिट वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, जिससे अधिक से अधिक कारीगरों को इसका लाभ मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण और मार्जिन मनी उपलब्ध कराई गई है, जबकि ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना के माध्यम से हजारों उद्यमियों को आर्थिक सहयोग दिया गया है।
मंत्री राकेश सचान ने औद्योगिक आस्थानों, क्लस्टर पार्कों और यूनिटी मॉल परियोजनाओं की प्रगति तेज करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहन देकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और अगले छह महीनों में लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति मिल सके।
–आईएएनएस
विकेटी/डीकेपी
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