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क्या है शराब नीति घोटाले का इतिहास? जिसके कारण हो रहे AAP के नेता गिरफ्तार

क्या है शराब नीति घोटाला मामला? आखिरकार क्यों इसको लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है? ऐसे ही सवाल आपके मन में भी जरूर आते होंगे जब आप शराब नीति घोटाला मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं के गिरफ्तारी की खबरें सुनते होंगे। साल भर से राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं के घर पर या तो ईडी छापेमारी करती है या फिर उनसे पूछताछ करती है इतना ही नहीं बल्कि ईडी सवालों के कटघरे में AAP के नेताओं को खड़ा करके गिरफ्तार भी कर लेती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आखिरकार यह पूरा मामला है क्या और इसका इतिहास क्या है? अगर नहीं तो आज का यह लेख आपके लिए काफी फायदेमंद होने वाला है जिसके बाद आपके सभी सवालों का जवाब आपको मिल जाएगा।

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2021 में लागू हुई थी आबकारी नीति

दरअसल साल 2021 में आबकारी नीति को लेकर आम आदमी पार्टी ने यह दावा किया था की राज्य में इस नीति को लागू करने से सरकार को काफी फायदा होने वाला है। लेकिन अगले ही साल 2022 में आबकारी नीति में अनियमता से संबंधित एक रिपोर्ट दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को सौंपी गई। इसके बाद ही दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया पर आबकारी नीति मामले में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया गया। जैसे ही उपराज्यपाल वीके सक्सेना को आबकारी नीति मामले को लेकर रिपोर्ट दी गई तभी तत्कालीन उन्होंने जांच करने का आदेश दिया। जहां उपराज्यपाल ने नई आबकारी नीति के अंदर दिए गए नियमों का उल्लंघन करने का हवाला देते हुए सीबीआई से जांच की मांग की।

आबकारी नीति मामले से नहीं हुआ राज्य को फायदा

यह मामला तब गर्म हुआ जब सरकार ने इस नीति को लाने से राज्य को फायदा होने का दावा किया था, लेकिन सरकारी खजाने को कई नुकसान का सामना करना पड़ा। जी हां इस नीति के आने से राज्य में कोई भी फायदा नहीं देखा । ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि एजेंसी को जांच होने के बाद इसकी जानकारी मिली। जहां सरकारी खजाने को लगभग 144.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बाद से ही ED और सीबीआई ने अपनी जांच प्रक्रिया में और सख्ती बढ़ा दी।

नहीं मिली मनीष सिसोदिया को जमानत

मामले की जांच के बाद सीबीआई ने एक आरोपित पत्र बनाएं जिसमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विजय नायर,अभिषेक बोइनपल्ली,समीर महेंद्रू,गौतम मुथा,अरुण आर पिल्लई,कुलदीप सिंह,नरेंद्र सिंह,अमनदीप सिंह ढल, समेत कई अन्य नाम भी शामिल थे। इस लिस्ट में सबसे पहले 28 सितंबर 2022 को समीर महेंद्र की गिरफ्तारी हुई थी। तो वहीं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 9 मार्च 2023 के दिन गिरफ्तार किया गया था जहां अब तक मनीष सिसोदिया को जमानत नहीं मिली है।

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