ऐसे में भले कहा जाए कि इंडिया गठबंधन में शामिल दल एक मंच पर जुट गए हैं लेकिन अभी भी सभी स्वहित को प्राथमिकता दे रहे हैं। बता दे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और फिर नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री के लिए योग्य बताया है। मंत्री चौधरी ने तो यहां तक कह दिया कि बिहार को छोड़ है देश के कई राज्यों के लोग नीतीश कुमार को PM देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा यदि सर्वे कराया जाए तो बहुत लोग जाएंगे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बने ।इससे पहले राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने इस इशारों में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को दूल्हा बात कर PM का चेहरा बताने की कोशिश की थी ।
राजनीति के जानकारों का भी मानना है कि इंडिया गठबंधन के भीतर मनमुटाव को नाकारा नहीं जा सकता है। जी-20 की बैठक के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बुलाई भोज में गठबंधन में शामिल दलों के कई राज्यों के मुख्यमंत्री पहुंचे लेकिन कांग्रेस और राजद इसको लेकर नाराज रहे ।इधर राजद के नेता और प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामचरितमानस को लेकर लगातार विवादित बयान दे रहे हैं, ये बात JDU के गले नहीं उतर रही है ।सीट बंटवारे को भी लेकर बिहार में गठबंधन में शामिल दलों का अलग-अलग रास्ता नजर आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव में राजद एक भी सीट नहीं जीत पाई थी जबकि विधानसभा में वह सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी। बिहार के राजनीति के कुछ जानकार कहते हैं कि इंडिया गठबंधन में अभी बहुत पैच है । अभी कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी । राजनीतिक विचारक कहते हैं कि अभी तक इंडिया गठबंधन मे सीट बंटवारे को लेकर चर्चा नहीं हुई है जबकि हर बैठक से पहले इसका दावा किया जाता है ।


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