यू पी सरकार सरकारी इमारतों और गाड़ियों के भगवा रंगने के बाद अब सड़कों पर भी भगवाईकरण करने जा रही है। सीएम ऑफिस, सचिवालय और यूपी की रोडवेज बसों को भगवा रंग में रंगने के बाद अब सड़कों के किनारे लगे नोटिस बोर्ड को भी भगवा रंग में रंगने की तैयारी हो चुकी है। आपने देखा होगा कि इससे पहले यूपी की सड़कों पर लगे नोटिस बोर्ड नीले रंग में नजर आते थे। हालांकि सरकार ऐसी तैयारी में जुटी है कि अब सड़कों के किनारे लगे नोटिस बोर्ड को भगवा रंग में बदला जाएगा। इसमें पीडब्लूडी विभाग के अंतर्गत आने वाले स्टेट हाइवे को छोड़कर दूसरी सड़कों पर लगने वाले नोटिस बोर्ड भगवा रंग में होंगे।
बता दे कि इस सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सम्बन्धित लोगों को दिशा निर्देश दे दिए हैं। अब लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर 18 हजार ऐसे नोटिस लगेंगे जो भगवा रंग से सराबोर होंगे।
इतना ही नहीं इन साइन बोर्ड पर सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की फोटो भी लगेगी। इसके अलावा जिला संपर्क मार्ग पर लगने वाले साइन बोर्ड को हरे रंग में रंग जाएगा. दरअसल योगी सरकार की कवायद अब सड़कों के कायाकल्प करने की है। बता दे कि साइनबोर्ड पर सड़क का नाम, इसका निर्माण करने वाली संस्था और ठेकेदार का नाम भी अंकित होगा। इसके साथ ही इसके निर्माण में आई लागत व समय की भी जानकारी दी जाएगी।
साइन बोर्ड को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि रात में इन पर रोशनी पड़ने पर यह चमकते नजर आएं और कंट्रास्ट होने के कारण लोगों अपनी ओर आकर्षित करें। ऐसा कहा जा रहा है कि सड़कों के किनारे दिखने से दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ऑफिस को भगवा रंग में रंगने पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा तंज कसे जाने पर योगी ने जवाब दिया था कि लोगों का क्या है, उनका बस चले तो वह सूर्य और अग्नि का रंग भी बदलवा दें, क्योंकि इन दोनों की रोशनी का रंग भी तो भगवा है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि भगवा रंग को किसी धर्म या जाति के दायरे में नहीं बांधा जा सकता है। यह रंग तो शौर्य व प्रगति का सूचक है और यूपी इस समय प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्राचीन काल से ही इस रंग को आगे बढ़ने की शक्ति व प्रेरणा देने वाला रंग कहा जाता है। फिर भी कुछ लोग इस रंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं।


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