जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वकार रसूल वानी ने बुधवार को कहा कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को सुरक्षा दी जानी चाहिये अथवा कश्मीर घाटी की स्थिति में सुधार होने तक उन्हें जम्मू स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिये।वानी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम किसी को मरने के लिये नहीं छोड़ सकते हैं। उन्हें कांग्रेस (की सरकार) ने नौकरी दी थी। वे यहां 12 साल से रह रहे हैं और उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे जम्मू लौटना चाहते हैं। हालिया लक्षित हमलों के बाद से वे विरोध कर रहे हैं।’’
प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज से जुड़े कर्मचारियों ने घाटी में अपने सहयोगियों पर हमलों के मद्देनजर विरोध करते हुये मांग की है कि उन्हें जम्मू स्थानांतरित किया जाए। इस साल 12 मई को राहुल भट्ट की हत्या के बाद विरोध शुरू हो गया था।प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कार्यरत क्लर्क भट्ट की बडगाम जिले में तहसीलदार कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि लोगों की जान बचाना महत्वपूर्ण है, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिये।’’उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिये और अगर जरूरत पड़े तो उन्हें जम्मू स्थानांतरित किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है और उनकी मांगों का समर्थन करती है।’’पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने आगाह किया था कि जो कर्मचारी घर में रहेंगे, उन्हें वेतन नहीं दिया जायेगा।


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