लोकसभा चुनावों में विस्थापित कश्मीरियों के मतदान को प्रोत्साहित करने के लिए चुनाव आयोग ने मतदान के लिए विभिन्न माध्यमों का प्रबंध किया है। इसके लिए आयोग ने विशेष मतदान केंद्र और डाक मतपत्र की व्यवस्था की है।
अधिसूचना में बताया गया कि सितंबर- अक्टूबर 2002 के विधानसभा चुनाव तथा 2004, 2009 एवं 2014 के आम चुनावों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले विस्थापित कश्मीरियों को मतदान करने के लिए एक योजना तैयार की गयी थी।
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इसमें बताया गया कि हालांकि सामान्यत: निर्वाचन क्षेत्र के क्षेत्राधिकार के बाहर मतदान केंद्र बनाने का प्रावधान नहीं है। मगर जम्मू कश्मीर जनप्रतिनिधित्व कानून 1957 की धारा 36 ए में प्रदेश के निर्वाचन क्षेत्र के बाहर मतदान केंद्र बनाने का प्रावधान है।
अधिसूचना में बताया गया कि इस योजना की सफलता को देखते हुए यह निर्णय किया गया कि इसे अप्रैल-मई 2019 के आम चुनावों तक बढ़ा दिया जाये।
जम्मू कश्मीर की बारामूला, अनंतनाग और श्रीनगर के तीन निर्वाचन क्षेत्रों में से किसी एक में पंजीकृत कश्मीरी विस्थापित दिल्ली, जयपुर और ऊधमपुर में बनाये गये विशेष मतदान केंद्रों में अपना वोट डाल सकते हैं।


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