जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों-फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के लिए इस बार ईद उल अजहा का त्योहार खामोशी भरा रहा क्योंकि पूर्व के वर्षों में उनके घरों में समर्थकों, दोस्तों, परिवार के सदस्यों की भीड़ लगी रहती थी। अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था।
सरकार की घोषणा के एक सप्ताह बाद सोमवार को शहर के पॉश गुपकर रोड पर उनके आवास सुनसान रहे। आवासों के आसपास केवल सुरक्षा गाड़ियां ही नजर आ रही थी। अधिकारियों ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला अपने आवास पर नजरबंद हैं, उनके बेटे और पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला हरि निवास पैलेस में हैं।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पार्टी) प्रमुख महबूबा चश्मे शाही हट में हैं। अधिकारियों ने बताया कि पांच अगस्त को जिन दूसरे नेताओं को पकड़ा गया था, उन्होंने यहां सेंटूर होटल में नमाज अदा की। सरकार ने उनके लिए एक मौलवी को भी भेजा था। घाटी में सोमवार की सुबह मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई, लेकिन कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगे होने के कारण सड़कों से त्योहार की रौनक गायब रही।


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