जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शनिवार को कहा कि आतंकवाद (व्यक्ति के) ’दिमाग’ में है न कि बंदूकों में और उनकी प्राथमिकता राज्य में आतंकवादियों का नहीं बल्कि आतंकवाद का सफाया कराना है।
जावली गांव में सर्वोदय इंटर कॉलेज के एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अब पूरा परिदृश्य ‘भिन्न’ है।
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मलिक ने कहा कि गांववासी अब आतंकवादियों को शरण देने के बजाय सुरक्षाबलों और पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कराने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को ग्रामीणों की शिकायतें व्यक्तिगत रुप से सुनने और हल करने का निर्देश दिया गया है।
मलिक ने कहा, ‘‘ राज्यपाल के प्रोटोकोल का परवाह किये बगैर मैं राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था प्रदान करने और तरक्की के लिए पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की मदद मांगने के लिए व्यक्तिगत रुप से उनसे मिलने उनके निवास पर गया।’’
राज्यपाल ने दावा किया कि सरकार सभी विकास योजनाओं को पूरा करने को इच्छुक है जिनके लिए बैंकों से 8000 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है।


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