जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2019 के पहले छात्रों का पंजीकरण तेजी से घट रहा था, लेकिन पिछले दो वर्षों में यह 14.5 प्रतिशत तक बढ़ गया है। उप-राज्याल मनोज सिन्हा ने शनिवार को श्रीनगर में यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अनुशंसा के अनुसार बाल देखभाल और शिक्षा की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
पंजीकरण कराने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या घटी
सिन्हा ने देवकी आर्य पुत्री पाठशाला में एक कार्यक्रम कें दौरान कहा, ‘‘2019 से पहले के तीन वर्षों में सरकारी स्कूलों में पंजीकरण कराने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या घट रही थी, लेकिन पिछले दो वर्षों में पंजीकरण 14.5 प्रतिशत तक बढ़ा है।’’उप-राज्याल ने कहा कि केंद्र-शासित प्रदेश में पिछले दो वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई पहल की गई हैं और बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

तलाश ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है
उन्होंने कहा कि ‘आओ स्कूल चलें अभियान’ के तहत प्रशासन ने पिछले एक वर्ष में 1.65 लाख बच्चों का पंजीकरण किया है और पिछले कुछ वर्षों में किन्हीं कारणों से जिन बच्चों ने स्कूल छोड़ा है, उनकी पहचान के लिए तलाश ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।सिन्हा ने कहा कि अब तक स्कूल छोड़ने वाले 86,000 लड़के-लड़कियों की पहचान की जा चुकी है और उनका पंजीकरण कराया जा रहा है।


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