Jammu and Kashmir Flood News: जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में लगातार भारी बारिश और ऊंचाई वाले हिस्सों में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) की खबर सामने आई है। इस वजह से फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई है। इस हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं रियासी के महौरा में भूस्खलन से हाहाकार मच गया. पहाड़ का मलबा एक घर पर आ गिरा और 7 लोगों की मौत हो गई.
Jammu and Kashmir Flood News: कई घर बहे, राहत कार्य जारी
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कई मकान पूरी तरह पानी में बह गए हैं, जबकि कुछ को भारी नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया है। रेस्क्यू टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। इसके अलावा, प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां पीड़ितों को खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था दी जा रही है।

Jammu and Kashmir News Hindi: प्रशासन की चेतावनी और निगरानी
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी प्रभावित इलाकों में भेजी जाएंगी।
अगस्त में भारी तबाही: कई जिलों में नुकसान
अगस्त 2025 में जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड्स के कारण तबाही मची है। खासकर जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी और डोडा जिलों में बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हुआ है। पिछले एक हफ्ते में हुई बारिश से 36 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अकेले रियासी और डोडा जिलों में 9 मौतें दर्ज की गई हैं। कई इलाकों में भूस्खलन हुआ है और गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

14 अगस्त को किश्तवाड़ में बड़ा हादसा
इसी महीने की 14 तारीख को किश्तवाड़ जिले के चिशोटी गांव में एक भीषण क्लाउडबर्स्ट हुआ। यह गांव माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर स्थित है और समुद्र तल से करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर बसा है। इस हादसे में 60 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल और लापता हो गए। तेज बहाव ने श्रद्धालुओं के कैंप, घर और पुल बहा दिए। हैरानी की बात यह रही कि इलाके में सामान्य बारिश थी, लेकिन क्लाउडबर्स्ट की वजह से कुछ मिनटों में तबाही मच गई।

क्या होता है क्लाउडबर्स्ट?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जब किसी सीमित इलाके (20–30 वर्ग किलोमीटर) में एक घंटे में 10 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश होती है, तो इसे क्लाउडबर्स्ट कहा जाता है। यह घटना विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में होती है। मॉनसून की नमी वाली हवाएं जब पहाड़ों से टकराकर ऊपर उठती हैं, तो घने बादल बनते हैं। जब इन बादलों में पानी का भार अधिक हो जाता है, तो वह एक साथ गिरता है, जिससे तेज बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी घटनाएं होती हैं।
जलवायु परिवर्तन से बढ़ रही हैं घटनाएं
वैज्ञानिकों का मानना है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से अब क्लाउडबर्स्ट की घटनाएं अधिक बार और ज्यादा तीव्रता से हो रही हैं। इससे न केवल जान-माल का नुकसान होता है, बल्कि पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी भी खतरे में पड़ जाती है।
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