Jammu & Kashmir: जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “यह खुशी की बात है कि चुनाव हो रहे हैं, लेकिन दुख की बात यह है कि वे पहले नहीं हुए… मुझे लगा था कि इस चुनाव में मुद्दे बदल जाएँगे, लेकिन दुर्भाग्य से मुद्दे नहीं बदले हैं। मैं वही नारे सुन रहा हूँ जो कॉलेज में होने पर चुनावों में इस्तेमाल किए जाते थे… सड़कें, स्कूल और शिक्षा कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन इस्लाम ख़तरे में है – यही मुद्दा है।” उन्होंने कहा कि भाजपा पर धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन यहां (जम्मू-कश्मीर) लोग भी यही कर रहे हैं।
गुलाम नबी आज़ाद ने दिया बयान
आजाद ने कहा, “दुनिया में कई बड़ी ताकतें आईं, लेकिन इस्लाम को खत्म नहीं कर पाईं। अब इसे कैसे खत्म किया जा सकता है? हम भाजपा का विरोध करते हैं, क्योंकि वे लोगों को धर्म के आधार पर बांटते हैं, लेकिन यहां भी लोग यही कर रहे हैं। इसका मतलब है कि वे भी लोगों को धर्म के नाम पर बांट रहे हैं… यहां तक कि जहां मुस्लिम आबादी 5 प्रतिशत है, वहां भी वे खतरे में नहीं हैं, लेकिन यहां, जहां मुस्लिम 98 प्रतिशत हैं, वे कह रहे हैं कि इस्लाम खतरे में है…” आजाद ने पूछा, “क्या कोई 98 प्रतिशत मुसलमानों को छूने की हिम्मत कर सकता है?”
कल होंगे दूसरे चरण के मतदान
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने 21 सितंबर को कहा, “जब वे हमारी ओर एक उंगली उठाते हैं, तो तीन उंगलियां उनकी ओर उठती हैं। ये (भाजपा) सबसे बड़े लुटेरे हैं। उन्होंने देश को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों और ईसाइयों को बांटने की कोशिश की है। वे भारत को एकजुट नहीं रखना चाहते हैं; वे भारत को विभाजित करना चाहते हैं।” जम्मू-कश्मीर में दूसरे और तीसरे चरण के लिए मतदान क्रमशः 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को होगा। मतों की गिनती 8 अक्टूबर को होगी।
(Input From ANI)


Download Android App
Download iOS App





