कठुआ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले के तीन गवाहों के जम्मू-कश्मीर पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराते वक्त उनके परिजन वहां मौजूद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आज इसकी अनुमति दे दी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने तीनों गवाहों की उस याचिका पर यह आदेश दिया, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति खानविलकर ने राज्य पुलिस से पूछा कि गवाहों के साथ आरोपियों की तरह क्यों व्यवहार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने कहा कि मामले के आरोपी विशाल जंगोत्रा के ये तीनों दोस्तों ने गवाही के दौरान झूठे बयान दर्ज कराये हैं। पुलिस को कुछ नये सबूत मिले हैं और वह पूरक आरोप-पत्र दायर करना चाहती है। न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि तीनों गवाहों की गवाही के दौरान उनके परिजन साथ में रहेंगे। अब इस मामले की सुनवाई जुलाई के प्रथम सप्ताह में होगी।
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