लेफ्टिनेंट जनरल राजू होंगे नये डीजीएमओ, लेफ्टिनेंट जनरल पांडे संभालेंगे 15 वीं कोर की कमान

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लेफ्टिनेंट जनरल बी एस राजू ने थल सेना के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एवं कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) की पहरेदारी करने वाली 15 वीं कोर की कमान बुधवार को लेफ्टिनेंट जनरल डी पी पांडे को सौंप दी।

लेफ्टिनेंट जनरल बी एस राजू ने थल सेना के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एवं कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) की पहरेदारी करने वाली 15 वीं कोर की कमान बुधवार को लेफ्टिनेंट जनरल डी पी पांडे को सौंप दी। दरअसल, लेफ्टिनेंट जनरल राजू सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) का प्रभार संभालने वाले हैं। 
श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के मुख्यालय में एक सादे समारोह में इसकी कमान लेफ्टिनेंट जनरल पांडे को सौंप दी गई, जो पूर्व में क्षेत्रीय सेना के महानिदेशक के तौर पर सेवा दे चुके हैं। वह कश्मीर में चरमपंथ रोधी ‘किलो फोर्स’ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) के तौर पर भी सेवा दे चुके हैं। 
सेना की 15 वीं कोर को चिनार कोर के नाम से भी जाना जाता है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘वह (राजू) भारतीय थल सेना के डीजीएमओ की उच्चतर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने जा रहे हैं।’’ लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने 15 वीं कोर का नेतृत्व करने के दौरान कश्मीर घाटी के गुमराह युवाओं को मुख्यधारा में लौटने का दूसरा मौका दिया क्योंकि वह इसे जम्मू कश्मीर में स्थायी शांति के लिए जरूरी मानते हैं। 
अधिकारियों ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कोर की कमान 2020 में उस वक्त संभाली थी, जब कश्मीर दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा था। एक चुनौती कोविड-19 महामारी थी, तो दूसरी चुनौती आतंकवाद से निपटने की थी और उनका कार्यकाल एक साल से अधिक समय तक रहा। 
इस साल गणतंत्र दिवस पर लेफ्टिनेंट जनरल राजू को उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। कश्मीर को टिकाऊ शांति के पथ पर ले जाने में उनके योगदान को लेकर उन्हें इस पदक से सम्मानित किया गया था। 

Ujjwal Jain