पिछले कई सालों से यात्रा अवधि पूरी होने से पहले ही बर्फ से बना शिवलिंग पिघल जा रहा है। दो महीने तक चलने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा पूरी होने से पहले ही इस बार भी एक माह पहले ही बाबा बर्फानी अंतर्धान हो गए हैं। बाबा के अंतर्धान होने से भोले के भक्त निराश हो गए हैं। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले से ही शिवलिंग का आकार कम होना शुरू हो गया था। इससे अमरनाथ यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को काफी निराशा हुई। तकरीबन पिछले 10 सालों से ऐसा हो रहा है कि अमरनाथ यात्रा शुरू होने के कुछ दिन बाद ही शिवलिंग पूरी तरह से पिघल जाता है। शिवलिंग को पिघलने से बचाने के लिए इस बार एनजीटी ने चिंता जताई थी।
हर साल शिवलिंग पिघलने के चलते ही हेलिकॉप्टर को गुफा से दूर पंजतरिणी में लैंड कराया जा रहा है। इससे पहले तक हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के लिए गुफा के बिलकुल करीब हेलीपैड बनाया गया था। अमरनाथ यात्रा 28 जून को शुरू हुई थी, जो रक्षाबंधन के दिन 26 अगस्त को समाप्त हो जाएगी। अमरनाथ यात्रा में अभी करीब एक महीने बचे हैं, लेकिन शिवलिंग के पिघल जाने से श्रद्धालु निराश हैं।
बहरहाल बता दें कि रविवार को अमरनाथ यात्रा के लिए 1,561 श्रद्धालुओं का एक जत्था जम्मू से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ”62 वाहनों के काफिले के साथ तीर्थयात्री भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुए। 1,719 तीर्थयात्री पहलगाम आधार शिविर जबकि 382 बालटाल आधार शिविर की ओर बढ़ेंगे।”
60 दिवसीय सालाना अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हुई थी। पिछले 25 दिनों से यह सुचारू रूप से जारी है। अब तक करीब दो लाख 30 हजार यात्रियों ने अमरनाथ बाबा के दर्शन कर लिए हैं। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गो पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।


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