जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि पंचायती संस्थानों एवं शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के मानदेय में किसी प्रकार की कमी करने की योजना नहीं है।
प्रदेश के बारामूला जिले में एक कार्यक्रम में सिन्हा ने कहा, ”कुछ निहित स्वार्थों के लिये तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों को भ्रमित करने के लिये जानबूझ कर मानदेय के मुद्दे पर इस तरह की अफवाह उड़ाई जा रही है।”
केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में संविधान के 73 वें संशोधन को लागू करने के लिए नियम जारी किए, जिसके बाद इन अटकलों को हवा मिलने लगी कि सरकार पंच और सरपंचों को दिए जाने वाले मानदेय को खत्म कर सकती है।
सिन्हा ने यह भी कहा कि केंद्र शाषित क्षेत्र प्रशासन संपत्ति कर भी लगाने नहीं जा रही है जैसा कि कुछ लोग इस बारे में गलत बोल रहे हैं। उन्होंने हालांकि कहा कि शहरी स्थानीय निकाय जनता के परामर्श से और अपने स्वयं के विकास के लिए इस तरह के मुद्दों पर निर्णय लेने के लिए सक्षम हैं।


Download Android App
Download iOS App



