जम्मू-कश्मीर की महिला से शादी करने वाले बाहरी युवक भी स्थानीय निवासी माने जाएंगे। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने लैंगिक असमानता को खत्म करने की ओर बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि केंद्र शासित प्रदेश की मूल निवासी महिला के पति को भी आवास प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
इससे पहले केवल केंद्र शासित प्रदेश के मूल निवासी को ही आवास प्रमाण पत्र की प्राप्ति के लिए योग्य माना जाता था और दूसरे राज्यों के व्यक्ति को इसके लिए योग्य नहीं माना जाता था। सरकार की इस घोषणा के साथ जम्मू-कश्मीर की निवासी महिला के पति को आवास प्रमाण पत्र के लिए पात्र माना जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के आवास प्रमाण पत्र (प्रक्रिया) नियम, 2020 के अंतर्गत एक नया खंड जोड़ जाने के बाद अब केंद्र शासित प्रदेश की निवासी महिला का जीवनसाथी कुछ संबंधित दस्तावेज जमा कर आवास प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है। जिन दस्तावेजों को जमा करने की आवश्यकता होगी उनमें जीवनसाथी का आवास प्रमाण पत्र और शादी से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।
सरकार की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया है कि अधिवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तहसीलदार को सक्षम प्राधिकारी के रूप में नामित किया गया है।


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