भारतीय थल सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि आतंकवादी कश्मीर में आबादी वाले स्थानों पर ग्रेनेड हमले करने के लिए युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि आतंकियों के नेटवर्क सुरक्षा बलों पर बड़े हमले कर पाने में सक्षम नहीं हैं। श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), लेफ्टिनेंट जनरल डी पी पांडे की यह टिप्पणी यहां हरि सिंह हाई स्ट्रीट बाजार में रविवार को हुए ग्रेनेड हमले के मद्देनजर आई है। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 34 अन्य घायल हो गये।
यह एक बहुत ही कायराना हरकत है
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने लोगों से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आतंकी नेटवर्क के खिलाफ खड़े होने की अपील की। लेफ्टिनेंट जनरल ने बाजार में हुए हमले के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘यह एक बहुत ही कायराना हरकत है, जब महिलाएं और पुरुष अपने रोजाना के काम पर जा रहे थे और आप ने एक ग्रेनेड फेंक दिया, जिसमें दो लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गये। मुझे लगता है कि यह निंदनीय है। ’’
तभी जा कर ऐसे ग्रेनेड हमलों को रोकना संभव हो पाएगा
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लग रहा है कि वे (आतंकवादी) सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने में सक्षम नहीं हैं। दुष्प्रचार करने वाले लोग और संगठन, जो कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, वे तथाकथित ‘हाईब्रिड आतंकवादी’, युवाओं का इस्तेमाल खासतौर पर आबादी वाले इलाकों में ग्रेनेड फेंकने के लिए कर रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब समाज इस तरह के संगठन के खिलाफ खड़ा हो जाएगा, तभी जा कर ऐसे ग्रेनेड हमलों को रोकना संभव हो पाएगा।’’
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के एक साल पूरे होने और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति के बारे में , लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने कहा कि वहां स्थिति पूरी तरह से ठीक है। उन्होंने कहा, ‘‘उरी, केरन और तंगधार जैसे सीमावर्ती इलाकों के लिए यह एक अच्छी चीज है।’’


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