झारखंड में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले तीन हफ्तों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान आज सोमवार, 10 अगस्त, 2026 लाखों छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए निकले हैं। छात्रों का आरोप है कि राज्य में होने वाली हर सरकारी परीक्षा में धांधली होती है और पैसे के बदले नौकरियां दी जाती हैं; नतीजतन, योग्य छात्र नौकरी पाने से वंचित रह जाते हैं और बेरोजगार बने रहते हैं। उनका कहना है कि सरकार उनकी शिकायतों को सुनने को तैयार नहीं है। उनकी मांग है कि जो परीक्षाएं हो चुकी हैं, उन्हें रद्द करके दोबारा आयोजित किया जाए। इसी बीच जेएसएससी और सीजीएल परीक्षा में भी पेपर लीक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
CID के सामने कबूला जुर्म
बता दें कि CID के सामने बड़ा खुलासा हुआ है। जेएसएससी और सीजीएल परीक्षा के प्रश्न पत्र खरीदने और बेचने का बड़ा भड़ाफोड़ हुआ है। आरोप है कि आरोपी ने प्रत्येक छात्रों से 12-12 लाख रूपये लिए गए थे। इतना ही नहीं बोकारों के एक छात्र समेत 15 अभ्यर्थी को पेपर रटवाया गया था। ऐसे में बोकारो समेत अन्य जगहों से 15 छात्रों से 12-12 लाख कर कुल 80 लाख रूपये की वसूली की गई थी। इस मामले में अभय तिवारी का नाम शामिल है, जो जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सलाखों के पीछे है। इसका खुलासा उसने खुद CID की पूछताछ में किया है।
65 प्रश्न के उत्तर रटवाए गए थे
इतना ही नहीं, CID के सामने उसने स्वीकार किया है कि उक्त JSSC की CGL परीक्षा में उसे 48 रैंक हासिल हुआ था। इस एग्जाम में उसका भाई और उसकी पत्नी का भी चयन हुआ था। ये तीनो अभी झारखंड सरकार में कार्यरत है। ये सारा धांधली एग्जाम के दौरान बायोमीट्रिक से शुरू करता था। अभय तिवारी बायोमीट्रिक और पेपर तैयार करने वाले विभाग से संपर्क में था। एग्जाम से पहले प्रश्न पेपर खरीदता और बेचता था। खबर है कि 65 प्रश्नों का उत्तर रटवाया गया था। अब जा कर इसका खुलासा हुआ है। हालांकि, इस मामले में कई और बड़े लोग शामिल होने के आसार है। CID आगे का कार्रवाई कर रही है।



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