‘धोखा हुआ’… CM सोरेन के खिलाफ छात्रों का बड़ा ऐलान, सभी जिलों में फूंका जाएगा पुतला

Summary :

झारखंड में छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं. छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़ा ऐलान करते हुए राज्य के सभी जिलों में पुतला दहन करने की घोषणा की है. छात्रों का आरोप है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया. आंदोलनकारियों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक विरोध जारी रहेगा.

पिछले कुछ दिनों से झारखंड में हालात ठीक नहीं हैं, जिससे राजनीतिक हलकों से लेकर छात्र समुदाय तक सभी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन और सिस्टम में शिक्षा से जुड़े कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों को सरकार ने शुरू में सभी परीक्षाएं रद्द करके राहत दी थी, लेकिन हाई कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया है। इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री सोरेन द्वारा पहले रद्द की गई परीक्षाएं और भर्ती प्रक्रियाएं अब रद्द नहीं मानी जाएंगी। इससे नाराज होकर, विरोध कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी है कि वे इस शुक्रवार को झारखंड के सभी जिलों में मुख्यमंत्री सोरेन का पुतला जलाएंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि छात्र आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है।

झारखंड में फिर गरमाया छात्रों का मुद्दा

Jharkhand Student Protest News (credit-sm)

बता दें कि झारखंड हाई कोर्ट के फैसले के बाद छात्र मंच ने हेमंत सोरेन सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री की बातों पर भरोसा कर आंदोलन खत्म किया गया था, लेकिन अब छात्रों के साथ धोखा हुआ है। इसके विरोध में सभी जिलों में हम सीएम सोरेन का पुतला दहन करेंगे। इसको लेकर JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने कहा कि, ‘आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार ने साजिश रची और सीएम की बात सुनकर हमने प्रोटेस्ट खत्म किया लेकिन हमारे साथ धोखा हुआ है” .

कोर्ट ने सरकार के खिलाफ सुनाया फैसला

बता दें कि कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्र की मांग हेमंत सोरेन सरकार ने मान ली थी। उन्होंने साल JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा रद्द करने का एलान किया जबकि गुरूवार को झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार के इस फैसले को ख़ारिज कर दिया और रद्द करने के फैसले को ठुकरा दिया। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल हम इन सभी परीक्षा से संबंधित भर्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। कोर्ट ने राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग से जवाब भी मांगा है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।