Bottle Feeding Tips: छोटे बच्चों के पोषण और शारीरिक विकास के लिए उन्हें समय पर दूध पिलाना बहुत जरूरी होता है। चूंकि, छोटे बच्चे खाना नहीं खा सकते हैं, तो उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी दूध से ही पूरी होती है। लेकिन, दूध पिलाते समय की गई थोड़ी सी लापरवाही बच्चे को बीमार कर सकती है। ऐसे में अगर आप भी पहली बार मां बनी हैं और बच्चे को बोतल से दूध पिलाती हैं, तो इन 5 जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें।
बच्चों को बोतल से दूध पिलाते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान

1. सही मात्रा में दूध बनाएं
छोटे बच्चों को अक्सर पाउडर वाला दूध ही दिया जाता है। बच्चे की सेहत के लिए दूध का सही घोल तैयार करना बहुत जरूरी है। दूध में न तो पानी ज्यादा होना चाहिए और न ही पाउडर। सही तरीका यह है कि आप हर 30 मिलीलीटर हल्के गुनगुने पानी में केवल 1 चम्मच फॉर्मूला पाउडर मिलाएं।
2. बोतल और निप्पल की सफाई करें
हर बार दूध पिलाने के बाद बोतल की अच्छे से सफाई करना बेहद जरूरी है। इसके लिए ढक्कन, निप्पल और बोतल को अलग-अलग करें। फिर बच्चों के लिए सेफ, केमिकल-फ्री या नेचुरल डिशवॉश लिक्विड और गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके उन्हें अच्छे से धोएं।
3. दूध के तापमान जरूर चेक कर लें
बच्चे को दूध देने से ठीक पहले यह जरूर चेक कर लें कि दूध बहुत ज्यादा गर्म तो नहीं है। इसके लिए बोतल से दूध की एक-दो बूंदें अपनी कलाई पर डालकर देखें। अगर दूध आपकी त्वचा पर गर्म महसूस हो रहा है, तो उसे थोड़ा ठंडा होने दें और सही तापमान पर आने के बाद ही बच्चे को पिलाएं।
4. बचा हुआ या बासी दूध न दें

पहले से बनाकर रखा हुआ दूध बच्चे को कभी न पिलाएं। लंबे समय तक रखे हुए दूध में हानिकारक बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे बच्चे के पेट में इंफेक्शन हो सकता है। हमेशा बच्चे की भूख के समय ही ताजा दूध बनाएं और दूध पिलाने के तुरंत बाद बचे हुए दूध को फेंक दें।
5. दूध पिलाने के बाद डकार जरूर दिलाएं
बोतल से दूध पीते समय दूध के साथ-साथ बच्चे के पेट में थोड़ी हवा भी चली जाती है, जिससे उन्हें गैस, पेट दर्द या उल्टी की समस्या हो सकती है। इसलिए, हर बार दूध पिलाने के बाद बच्चे को सीधा करके अपने कंधे से लगाएं और उसकी पीठ को हल्के हाथों से तब तक थपथपाएं जब तक बच्चा डकार न ले ले।



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