3 Crore Cash Recovered in Sagar: मध्य प्रदेश के सागर शहर में घर से बरामद हुई 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। रकम मिलने के दो दिन बाद भी कोई व्यक्ति सामने आकर इसे अपना नहीं बता रहा है। पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी रकम किसकी है और इसे एक ऑटो चालक के घर में क्यों रखा गया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गोपालगंज थाना पुलिस ने ऑटो ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद की थी। पूछताछ में सौरभ ने साफ कहा कि यह पैसा उसका नहीं है। उसने पुलिस को बताया कि रकम भोपाल में रहने वाले उसके रिश्तेदार रमेश अहिरवार की हो सकती है। सौरभ के अनुसार, रमेश पीडब्ल्यूडी विभाग में इंजीनियर हैं। पुलिस ने जब रमेश से इस रकम के बारे में जानकारी ली तो उन्होंने भी इससे किसी तरह का संबंध होने से इनकार कर दिया।
जांच एजेंसियों को लिखा पत्र
रमेश अहिरवार ने सौरभ के दावे को खारिज करते हुए कहा कि बरामद रकम उनकी नहीं है। उनके बयान के बाद जांच और ज्यादा उलझ गई है। एक तरफ घर से इतनी बड़ी रकम मिली, वहीं दूसरी ओर उसे अपना बताने वाला कोई सामने नहीं आया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी सौरभ के घर तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर के SP अनुराग सुजानिया ने संबंधित जांच एजेंसियों को पत्र भेजा है। पुलिस के अनुसार, बरामद नकदी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी आगे की जांच के लिए एजेंसियों को उपलब्ध करा दी गई है।
पुलिस के अनुसार, अब मामले की विस्तृत जांच संबंधित एजेंसी को करनी है। हालांकि, पत्र भेजे जाने के बाद भी अभी तक कोई जांच एजेंसी सागर नहीं पहुंची है। नकदी बरामद हुए दो दिन हो चुके हैं, लेकिन जांच आगे बढ़ाने के लिए संबंधित एजेंसी की टीम के पहुंचने का इंतजार है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बावजूद अब तक मालिक का सामने नहीं आना मामले को और गंभीर बना रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम से जुड़े कोई दस्तावेज, लेनदेन या अन्य सुराग मौजूद हैं या नहीं।
मामले को लेकर कई तरह की चर्चा
3 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश मिलने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह रकम किसी बड़े कारोबारी लेनदेन, हवाला या बेनामी संपत्ति से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, अभी तक जांच में इनमें से किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल नकदी के असली मालिक का है। साथ ही यह भी पता लगाना जरूरी है कि रकम सागर क्यों लाई गई और ऑटो चालक के घर में इसे रखने की वजह क्या थी। जांच पूरी होने के बाद ही करोड़ों रुपये की इस गुत्थी का सच सामने आ सकेगा।
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