भोजशाला मामले में कोर्ट ने माना हिन्दू पक्ष का दावा, क्या अब लन्दन से मंगवाई जाएगी मां वाग्देवी की मूर्ति?

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Dhar Bhojshala Verdict : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने वर्षों से चले आ रहे धार भोजशाला विवाद मामले में एक अहम् निर्णय सुनाया है. कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग मंजूर करते हुए माना कि ASI की रिपोर्ट के आधार पर भोजशाला मंदिर है. बता दें कोर्ट के इस फैसले के बाद धार और आसपास में सुरक्षा बढ़ा दी है. इस मामले में हिन्दू पक्ष ने ख़ुशी जाहिर की है, वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कहा है कि हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. बता दें इस मामले में उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ भोजशाला के…

Dhar Bhojshala Verdict : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने वर्षों से चले आ रहे धार भोजशाला विवाद मामले में एक अहम् निर्णय सुनाया है. कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग मंजूर करते हुए माना कि ASI की रिपोर्ट के आधार पर भोजशाला मंदिर है.

बता दें कोर्ट के इस फैसले के बाद धार और आसपास में सुरक्षा बढ़ा दी है. इस मामले में हिन्दू पक्ष ने ख़ुशी जाहिर की है, वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कहा है कि हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.

बता दें इस मामले में उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ भोजशाला के धार्मिक स्वरूप के विवाद को लेकर दायर चार याचिकाओं और एक रिट अपील पर 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई कर रही थी. इस मामले में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ताओं में शामिल कुलदीप तिवारी के वकील मनीष गुप्ता शामिल थे.

लन्दन के ब्रिटिश म्यूजियम में मूर्ति

Dhar Bhojshala Verdict
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हिंदू पक्ष के वकील मनीषा गुप्ता ने अपने पिछली सुनवाई के दौरान दलील दी थी कि,‘‘भोजशाला के मंदिर में स्थापित वाग्देवी (सरस्वती) की मूर्ति फिलहाल लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में है. इस मूर्ति की बनावट समरांगणसूत्रधार पुस्तक में परमारकालीन प्रतिमाओं को लेकर दिए गए विशिष्ट ब्योरे से मेल खाती है.’’

उसी दौरान गुप्ता ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी कि केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह लंदन के संग्रहालय में रखी सरस्वती देवी की मूर्ति को भारत वापस लाए और इसकी भोजशाला परिसर में फिर से स्थापना सुनिश्चित करे.

माना हिन्दू पक्ष

Dhar Bhojshala Verdict
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बता दें, इस मामले में कोर्ट ने हिन्दू पक्ष के दावों को सही माना है और भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना है. इसके लिए ASI के साक्ष्यों को आधार माना गया. मूर्ति को लेकर हिन्दू पक्ष ने पहले ही अपनी इच्छा जाहिर की है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अब मंदिर में मूर्ति स्थापना के लिए लन्दन से मूर्ति मंगवाई जा सकती है?

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।