अलविदा स्वर कोकिला- मध्य प्रदेश से था लता दीदी का गहरा नाता, इंदौर ने करियर में निभाई अहम भूमिका

Summary :

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का मध्य प्रदेश से गहरा नाता रहा है, वे यहां की व्यापारिक नगरी इंदौर में जन्मी और संगीत की शिक्षा हासिल की।

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का मध्य प्रदेश से गहरा नाता रहा है, वे यहां की व्यापारिक नगरी इंदौर में जन्मी और संगीत की शिक्षा हासिल की। उन्होने संगीत जगत में मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया। उनके निधन से राज्य में शोक की लहर है। लता मंगेशकर का इंदौर सिख मुहल्ले में 28 सितंबर 1929 को जन्म हुआ था। उनकी संगीत की शिक्षा की शुरुआत भी यहीं हुई। उसके बाद वे लगभग सात साल की उम्र में महाराष्ट्र चली गईं। लता मंगेशकर के उस मकान में जिसमें उनका जन्म हुआ था, वर्तमान में मेहता परिवार के पास है। 
सुरसाम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन पर शोक में डूबा MP
मेहता परिवार ने यह मकान लता के परिवार के जाने के बाद एक मुस्लिम परिवार से उसकी मुंह मांगी कीमत पर खरीदा था। इस मकान में लता के छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी आ चुके हैं। सुरसाम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन पर उनके गृह राज्य में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी नहीं रहीं। स्वर के महायुग का अंत हो गया। लता दीदी आपके बिना यह देश सूना है, गीत-संगीत सूने हैं, हर घर सूना है। आपकी कमी कभी कोई पूरी नहीं कर सकता। गीत-संगीत की देवी मानकर आप की पूजा करते रहेंगे।
स्वर कोकिला के निधन के साथ एक युग की हुई समाप्त 
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर कोकिला, सुर साम्राज्ञी, कई पुरस्कारों से सम्मानित, मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर के निधन का समाचार बेहद पीड़ादायक है। आज उनके निधन से संगीत का एक युग समाप्त हो गया। उनका निधन कला क्षेत्र की ऐसी क्षति है जो कभी पूरी नही हो सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने लता मंगेशकर के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, एक युग की समाप्ति हो गई। मध्यप्रदेश में जन्मी भारत रत्न लता मंगेशकर जी के निधन की दु:खद खबर है। उनकी आवाज अमर है। ना उनके जैसा हुआ है और ना होगा। हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
राजनीतिक जगत के तमाम लोगों ने व्यक्त किया शोक 
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, इंदौर में जन्मी लता दीदी ने विश्व स्तर पर देश का मान बढ़ाया। वो सच्ची देशभक्त थीं, उनके देशभक्ति से ओत प्रोत गीतों ने सभी देशवासियों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। उनके साथ आज संगीत जगत का एक युग समाप्त हो गया। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

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