अवैध कब्जाधारियों की प्रशासन से नोकझोंक

Summary :

उल्लेखनीय है कि उक्त भूमि पशुलोक विभाग की थी। जिसे टिहरी पुनर्वास विभाग ने गलत तरीके से टिहरी विस्थापित 12 लोगों को आवंटित कर दिया था।

ऋषिकेश : पशुपालन विभाग की लगभग 5 एकड़ भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा की गई अ​तिक्रमणित भूमि को प्रशासन द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने को लेकर कब्जेधारियों और प्रशासन के बीच शनिवार को टकराव की स्थिति पैदा हो गई। जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा पुलिस का सहारा लेना पड़ा। उल्लेखनीय है कि उक्त भूमि पशुलोक विभाग की थी। जिसे टिहरी पुनर्वास विभाग ने गलत तरीके से टिहरी विस्थापित 12 लोगों को आवंटित कर दिया था। 
लेकिन आज स्थिति यह है कि उक्त भूमि पर मात्र दो विस्थापित रह गये है। बाकी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा कर बड़े-बड़े अपार्टमेंट खड़े कर दिए गए। जिसकी सूचना प्रशासन को मिलने के बाद प्रशासन ने उक्त भूमि को अपने कब्जे में लिये जाने की जब कार्रवाई प्रारंभ की। तो वहां रह रहे लोगों ने प्रशासन का जबरदस्त विरोध करना शुरू कर दिया। लेकिन प्रशासन द्वारा अतिक्रमण भूमि को अपने कब्जे में लिये जाने की कार्रवाई के चलते घटनास्थल से भूमि पर कब्जा करवाने वाले बड़े बिल्डर गायब हो गए हैं। 
जिसके चलते यहां रह रहे लगभग 50 से अधिक परिवारो में रोष व्याप्त है। नगर के एक बिल्डर ललित मोहन मिश्रा का कहना है कि पशुलोक विभाग द्वारा इस भूमि को अपना बताया जा रहा है वह उसके दस्तावेज दिखाने में पूरी तरह असफल है। जिसके कारण यहां रह रहे लोगों में रोष उत्पन्न है। अब सभी लोग न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

Desk Team