पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर पथराव किया गया और काले झंडे दिखाए गए। काफिले में शामिल उनके वाहन को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया।इस दौरान गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कई कार्यकर्ताओं को घोष के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा गया।
पुलिस अधिकारियों के एक दल ने प्रदर्शनकारियों और बीजेपी समर्थकों को तितर-बितर करने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। घोष ने बाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस और उनके सहयोगी हताश हो रहे हैं, क्योंकि वे आगामी विधानसभा चुनावों में हार महसूस कर सकते हैं। हालांकि, इस तरह की रणनीति काम नहीं करेगी। लोग हमारे साथ हैं।’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह की घटना से पता चलता है कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे हथकंडे नहीं चलेंगे क्योंकि लोग हमारे साथ हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चाय पे चर्चा सत्र के बाद हम एक और कार्यक्रम के लिए जा रहे थे, तभी हमारे काफिले पर पथराव किया गया। काले झंडे दिखाए गए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सत्तारूढ़ दल और उसके सहयोगियों के ऐसे हमले साबित करते हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गई है। लोकतंत्र में ऐसी चीजें नहीं होती हैं।’’ जिला तृणमूल कांग्रेस प्रमुख सौरव चक्रवर्ती ने हालांकि कहा कि घोष उत्तर बंगाल में गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे थे और उनकी पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता इस घटना में शामिल नहीं था।
बिमल गुरुंग के नेतृत्व वाले जीजेएम ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया है जबकि गोरखा संगठन का बिनय तमांग गुट हमेशा से सत्ताधारी पार्टी का सहयोगी रहा है।


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