कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए विशवभर में कोरोना वैक्सीन को विकसित करने कि जद्दोजहद जारी है। सभी देश कोरोना वैक्सीन बनाने की दौड़ में एक-दूसरे को पीछे छोड़ कर आगे निकलना चाहते हैं। इस बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर सामने आ रही है कि भारत में ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का ट्रायल कर रही कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे फेज के क्लिनिकल ट्रायल की बड़ी चुनौती को पार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और आईसीएमआर ने ऐलान किया है कि भारत में कोविशील्ड (COVISHIELD) के लिए क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण का एनरोलमेंट संपन्न हो गया है। आईसीएमआर और सीरम इंस्टीट्यूट कोवोवैक्स (COVOVAX, Novavax) के क्लिनिकल डेवलपमेंट के लिए भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। कोवोवैक्स (COVOVAX) को अमेरिका के नोवावैक्स ने विकसित किया है और सीरम इंस्टीट्यू इसे आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
पुणे स्थित देश की बड़ी दवा निर्माता सीरम इंस्टीट्यू ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदर पूनावाला ने कहा कि भारत और यूनाइटेड किंगडम में परीक्षणों की सफलता और अगर समय पर रेगुलेटरी बॉडीज को मंजूरी मिल जाती है, इसके साथ ही अगर यह प्रतिरोधक और प्रभावी साबित होती है तो हम ये उम्मीद कर सकते हैं कि भारत में अगले साल जनवरी तक वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।”


Download Android App
Download iOS App



