निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को चेतावनी दी है कि वह वैसा विवादित बयान दोबारा न दें, जैसा उन्होंने 30 सितंबर को एक चुनावी जनसभा में दिया था।
दरअसल भार्गव ने 30 सितंबर को झाबुआ के राजवाड़ा चौक पर विवादित भाषण देते हुए कहा था कि यह कांग्रेस और भाजपा के बीच होने वाला चुनाव नहीं है, बल्कि यह ‘हिन्दुस्तान एवं पाकिस्तान’ के मध्य चुनाव है। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी भानू भूरिया भारत का प्रतिनिधि हैं, इसलिए उन्हें जिताएं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने भार्गव के इस बयान पर संज्ञान लेते हुए इसे आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन बताया और कुछ ही घंटों बाद उनके खिलाफ झाबुआ के पुलिस कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया था।
मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी एल कांताराव ने बुधवार को बताया, ‘‘निर्वाचन आयोग ने भार्गव के इस बयान की रिपोर्ट मांगी थी। इनकी जांच करने के बाद निर्वाचन आयोग ने उन्हें चेतावनी दी है कि भविष्य में वह ऐसे बयान न दें। अगर उन्होंने ऐसा बयान दोबारा दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।’’
उन्होंने कहा कि भार्गव के खिलाफ भादंवि की धाराओं के तहत कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। चुनाव आयोग कभी कभार अपने स्तर भी कार्रवाई करता है और इसके तहत उन्हें चेतावनी दे दी गई है कि वह भविष्य में ऐसे बयान एवं भाषण न दें।
भार्गव झाबुआ विधानसभा सीट पर 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिये प्रचार करने पहुंचे थे। भाजपा विधायक गुमान सिंह डामोर के त्यागपत्र देने से झाबुआ सीट वर्तमान में खाली है। डामोर इस साल हुए लोकसभा चुनाव में रतलाम-झाबुआ सीट से सांसद बन गये हैं। इसलिए उन्होंने झाबुआ विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया है। झाबुआ विधानसभा सीट पर 21 अक्टूबर को उपचुनाव होगा और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी।


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