पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषियों नलिनी श्रीहरन और उसके पति वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन ने दया-मृत्यु की मांग की है। जेल के सूत्रों ने कहा कि मामले के सात दोषियों में से एक नलिनी वेल्लोर स्थित महिलाओं की विशेष जेल में बंद है। उसने दया-मृत्यु की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप साही को पत्र लिखा है।
इससे पहले इसी साल नलिनी ने मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु के राज्यपाल बरवारीलाल पुरोहित को पत्र लिख सभी सात दोषियों को तमिलनाडु सरकार के मंत्रिमंडल के 2018 के निर्णय के अनुसार रिहा करने का निर्देश देने की मांग की थी। मंत्रिमंडल ने उनकी रिहाई के लिए संविधान के अनुच्छेद 161 का हवाला दिया था। हाईकोर्ट ने हालांकि याचिका खारिज कर दी थी, क्योंकि वह राज्यपाल को कार्रवाई का आदेश नहीं दे सकता।
सात दोषियों में ए.जी. पेरारिवलन, वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन, टी. सुतेंद्रराजा उर्फ सनथन, जयाकुमार, रॉबर्ट पायस, रविचंद्रन और वी. श्रीहरन की पत्नी नलिनी श्रीहरन हैं। इनमें भारतीय और श्रीलंकाई, दोनों हैं। सभी दोषी 1991 से ही जेल में हैं, जब लिबरेशन टाइगर ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) की महिला आत्मघाती हमलावर ने चेन्नई में एक चुनावी जनसभा में खुद को उड़ाते हुए राजीव गांधी की हत्या कर दी थी।


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